Health Care : कोरबा में नवजात की मौत पर बवाल…! 16 साल बाद हुए जुड़वा बच्चे…एक की मौत…अस्पताल पर समय पर रेफर न करने का आरोप

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कोरबा, 19 जुलाई।Health Care : छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक निजी अस्पताल में भर्ती जुड़वा नवजात बच्चों के इलाज को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों का आरोप है कि समय पर उचित इलाज और हायर सेंटर रेफर नहीं किए जाने के कारण एक नवजात की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर हालत में बिलासपुर के अस्पताल में भर्ती है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

16 साल बाद घर में गूंजी थी किलकारी

जानकारी के अनुसार, परशुराम नगर दादर निवासी शशिकांत ओझा की पत्नी ने 17 जुलाई को जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। करीब 16 साल बाद संतान होने से परिवार में खुशी का माहौल था। परिजनों का कहना है कि जन्म के कुछ घंटे बाद ही एक नवजात में पीलिया के लक्षण दिखाई दिए, जिसकी जानकारी अस्पताल के डॉक्टरों को दी गई।

परिजनों का आरोप: समय पर नहीं किया रेफर

परिवार का आरोप है कि बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने स्थिति को गंभीर नहीं माना और समय पर हायर सेंटर रेफर नहीं किया। जब हालत ज्यादा खराब हुई, तब दूसरे अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान नवजात की मौत हो गई।

इसके बाद दूसरे नवजात को भी शिशु रोग विशेषज्ञ के पास ले जाया गया, जहां से उसे गंभीर स्थिति में बिलासपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका इलाज जारी है।

अस्पताल में हंगामा, पुलिस पर भी सवाल

नवजात की मौत के बाद परिजन अस्पताल पहुंच गए और डॉक्टरों से जवाब मांगने लगे। विवाद इतना बढ़ा कि अस्पताल स्टाफ और परिजनों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

परिजनों ने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि शिकायत देने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं हुई, जबकि अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस तुरंत पहुंच गई।

अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को नकारा

अस्पताल प्रबंधन ने इलाज में लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि नवजात की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी, आवश्यक उपचार दिया गया और हालत गंभीर होने पर ही रेफर किया गया। प्रबंधन का दावा है कि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई।

जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट

पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नवजात की मौत इलाज में कथित लापरवाही से हुई या चिकित्सकीय जटिलताओं के कारण।

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