नई दिल्ली

parliament-monsoon-session : संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से…! NEET और राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर हंगामा तय


नई दिल्ली, 19 जुलाई। parliament-monsoon-session : संसद का मानसून सत्र सोमवार, 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। सरकार और विपक्ष दोनों ने सत्र को लेकर अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है। ऐसे में इस बार का सत्र काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं।

सरकार का फोकस आयकर संशोधन विधेयक, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक और सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक समेत सात महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने पर रहेगा। वहीं, विपक्ष नीट-यूजी पेपर लीक, अयोध्या में श्रीराम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार पहले पर्याप्त समर्थन के अभाव में पारित नहीं हो सके कुछ संविधान संशोधन विधेयकों, जिनमें परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं, को दोबारा लाने की संभावना भी तलाश रही है। हालांकि, ये अभी आधिकारिक विधायी एजेंडे में शामिल नहीं हैं।

इस सत्र में बदले राजनीतिक समीकरण भी देखने को मिलेंगे। तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के कुछ बागी सांसद अब राजग के साथ नजर आएंगे, जिससे सदन के भीतर शक्ति संतुलन में बदलाव दिखाई देगा।

उधर, संसद सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर पर नीट-यूजी पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी रहने की भी संभावना है। विपक्ष इस मुद्दे को सदन में जोरदार ढंग से उठाने की तैयारी में है।

उद्धव के सांसदों को शिंदे सेना में विलय की मंजूरी

स्पीकर ओम बिरला ने उद्धव के सांसदों को शिंदे सेना में विलय की मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के साथ ही शिंदे सेना अब NDA की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी बन गई है। 13 सांसदों के साथ यह पार्टी नीतीश कुमार की जदयू से एक कदम आगे निकल गई है, हालांकि चंद्रबाबू नायडू की TDP अभी भी 16 सांसदों के साथ सबसे आगे बनी हुई है।

तृणमूल के बागी सांसद बैठेंगे अलग

तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसद जो अब नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के साथ जुड़ गए हैं। उन्होंने स्पीकर ओम बिरला से सत्र शुरू होने पहले सदन में बैठने की व्यवस्था में बदलाव की मांग की थी। उनकी मांग को भी स्पीकर बिरला ने मंजूर कर लिया है। हालांकि, स्पीकर ने अभी तक उनके NCPI में विलय को औपचारिक तौर पर मंजूरी नहीं दी है।

टीएमसी के बागी गुट को देखकर भड़का विपक्ष

इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को होने वाली सर्वदलीय बैठक में इस बागी गुट के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय को न्योता भेज दिया, जिससे टीएमसी भड़क गई। पार्टी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने इसे लोकतंत्र का मजाक बताते हुए कहा कि स्पीकर तो अभी भी इन्हें टीएमसी सांसद मान रहे हैं, लेकिन सरकार के मंत्री इन्हें पहले से ही अलग पार्टी का हिस्सा मान बैठे हैं।

वहीं, स्पीकर ओम बिरला मानसून सत्र के दौरान बागी सांसदों के NCPI में विलय की मंजूरी देते हैं तो तृणमूल कांग्रेस लोकसभा में चौथी सबसे बड़ी पार्टी होने का अपना स्थान खो देगी। वह 8 सांसदों के साथ नौवें स्थान पर आ जाएगी। जो शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) के बराबर होगा।

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