छत्तीसगढ़

Vadodara Firing Case : गुजरात फायरिंग केस में खुलासा…! भिलाई से पकड़े गए दो आरोपी…CCTV और आधार कार्ड ने खोली पूरी साजिश

फिजी में हुआ विवाद, भारत में चली गोली

दुर्ग/भिलाई, 04 जुलाई। Vadodara Firing Case : गुजरात के वडोदरा में गार्मेंट कारोबारी आशीष बकोलिया पर हुई फायरिंग मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुजरात पुलिस ने छत्तीसगढ़ के भिलाई से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरजीत सिंह (रिसाली) और विक्रम प्रताप सिंह (भिलाई) के रूप में हुई है। दोनों को ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी करने के बाद वडोदरा पुलिस अपने साथ गुजरात ले गई।

CCTV और होटल के आधार कार्ड से मिला बड़ा सुराग

पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज के साथ एक होटल में जमा कराया गया आधार कार्ड अहम सबूत बना। इन्हीं सुरागों के आधार पर गुजरात पुलिस दुर्ग पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की।

भिलाई से ऐसे हुई गिरफ्तारी

मुखबिर की सूचना पर दुर्ग पुलिस ने गुरजीत सिंह को सुपेला क्षेत्र से और विक्रम प्रताप सिंह को जेपी चौक के पास से गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि दोनों एक-दूसरे से मिलने पहुंचे थे, तभी पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।

फिजी में शुरू हुआ विवाद, भारत में रची गई हत्या की साजिश

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी विक्रम प्रताप सिंह और कारोबारी आशीष बकोलिया पहले फिजी में साथ काम करते थे। वहीं दोनों के बीच विवाद हुआ था। करीब पांच महीने पहले भारत लौटने के बाद विक्रम ने गुरजीत सिंह से संपर्क किया और कथित तौर पर कारोबारी की हत्या की साजिश रची।

भिलाई में बनी योजना, बिहार से खरीदा हथियार

जांच के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने करीब दो महीने पहले भिलाई में बैठकर पूरी योजना बनाई। इसके बाद बिहार से एक देसी पिस्टल खरीदी और कई बार वडोदरा जाकर कारोबारी की रेकी की। पुलिस के अनुसार, दोनों होटल में ठहरकर कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

26 जून को की थी फायरिंग

पुलिस के अनुसार, 26 जून की रात जब कारोबारी आशीष बकोलिया अपनी कार से घर लौट रहे थे, तभी दोनों आरोपियों ने वाघोडिया चौकड़ी के पास उनका पीछा कर फायरिंग की और फरार हो गए। घटना के समय एक आरोपी ने हेलमेट और दूसरे ने मास्क पहन रखा था।

कौन हैं आशीष बकोलिया?

पुलिस के मुताबिक, आशीष बकोलिया मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले हैं। फिजी से भारत लौटने के बाद उन्होंने वडोदरा में गार्मेंट कारोबार शुरू किया और परिवार के साथ वहीं रह रहे थे।

Related Articles

Back to top button