
Korba News कोरबा। जनगणना-2027 जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में कथित लापरवाही और आदेशों की अवहेलना पर कोरबा जिले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दीपका की तीन महिला व्याख्याताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित व्याख्याताओं में श्रीमती नर्मदा बंजारे, श्रीमती ऊषा राज और श्रीमती नीलू चन्द्रा शामिल हैं। यह कार्रवाई कलेक्टर कुणाल दुदावत की अनुशंसा के बाद लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर द्वारा की गई है।
प्रशिक्षण से लेकर जनगणना किट तक, निर्देशों की अनदेखी का आरोप
जानकारी के अनुसार दीपका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं जनगणना चार्ज अधिकारी ने तीनों व्याख्याताओं को गणना ब्लॉक क्रमांक 0026 में प्रगणक नियुक्त किया था। आरोप है कि तीनों ने प्रारंभिक प्रशिक्षण में शामिल होने से इंकार किया। बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद नियुक्ति आदेश और जनगणना किट प्राप्त नहीं की गई।
इतना ही नहीं, निर्धारित समय सीमा में सौंपे गए जनगणना कार्य का निष्पादन भी नहीं किया गया। मामले में जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब भी अधिकारियों के अनुसार संतोषजनक नहीं पाया गया।
कलेक्टर की अनुशंसा के बाद DPI ने लिया फैसला
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने तीनों व्याख्याताओं के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा लोक शिक्षण संचालनालय को भेजी थी। अनुशंसा के आधार पर DPI रायपुर ने निलंबन आदेश जारी कर दिया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारी-कर्मचारी जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत लोक सेवक की श्रेणी में आते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व में लापरवाही और पदीय जिम्मेदारी के प्रति उदासीनता को गंभीर कदाचार माना गया है।
निलंबन अवधि में तीनों का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोरबा निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में लापरवाही पर हुई इस कार्रवाई ने शिक्षा विभाग में भी हलचल बढ़ा दी है।















