Korba News : धान-चावल से बनी राखियों ने जीता दिल, कोरबा की दीदियों के हुनर को कलेक्टर ने सराहा; CM साय के लिए भी बनाई खास राखी
Korba News : धान, चावल और साबूदाने से बनी राखी! कोरबा की दीदियों का अनोखा हुनर देख कलेक्टर भी हुए मुरीद
कोरबा, 18 अगस्त। Korba News : आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहीं कोरबा जिले की महिला स्व सहायता समूह की दीदियां अब स्थानीय संसाधनों और अपनी रचनात्मकता से नए उत्पाद तैयार कर रही हैं। बेला कछार, दोनद्रो पंचायत के प्रसन्न स्व सहायता समूह की महिलाओं ने धान, चावल, साबूदाना और बर्रे भाजी जैसे स्थानीय संसाधनों से आकर्षक और अनूठी राखियां तैयार की हैं, जो लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
इन राखियों की खासियत सिर्फ इनका अनोखा रूप नहीं, बल्कि इनके पीछे महिलाओं की मेहनत, हुनर और स्थानीय संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की सोच भी है।
2018 से बिहान से जुड़ा है 22 सदस्यीय समूह
प्रसन्न स्व सहायता समूह वर्ष 2018 से बिहान से जुड़कर महिला सशक्तिकरण और आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ा रहा है। समूह में कुल 22 सदस्य हैं।
समूह की महिलाएं मौसम और बाजार की मांग के अनुसार अलग-अलग उत्पाद तैयार करती हैं। इनमें बाती, अगरबत्ती, कॉस्मेटिक सामग्री और कपड़ों से जुड़े कार्य शामिल हैं।
समय के साथ समूह की दीदियों ने नए उत्पादों को अपने काम से जोड़ा और अपनी आय के अवसरों का विस्तार किया। रक्षाबंधन के अवसर पर उन्होंने पारंपरिक राखियों में स्थानीयता और नवाचार का खूबसूरत मेल किया।
धान, चावल और साबूदाने से तैयार की अनोखी राखियां
प्रसन्न स्व सहायता समूह की दीदियों ने धान, बर्रे भाजी, साबूदाना और चावल जैसे स्थानीय एवं प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल कर आकर्षक राखियां तैयार की हैं।
इन राखियों के जरिए महिलाओं ने यह संदेश दिया है कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों को रचनात्मक तरीके से इस्तेमाल कर न सिर्फ खूबसूरत उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं, बल्कि उन्हें आजीविका का जरिया भी बनाया जा सकता है।
कलेक्टोरेट में लगाया स्टॉल, कलेक्टर ने खरीदी राखियां
समूह की दीदियों श्रीमती नीतू कर्ष और श्रीमती मीरा देवांगन ने कलेक्टोरेट परिसर में राखियों का स्टॉल लगाया। स्टॉल पर उन्होंने अपने हाथों से तैयार की गई विभिन्न प्रकार की राखियों को प्रदर्शित किया।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत भी स्टॉल पर पहुंचे। उन्होंने राखियां खरीदीं और महिलाओं के हुनर, मेहनत और रचनात्मकता की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।
कलेक्टर के प्रोत्साहन से समूह की महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने उत्पादों को और बेहतर बनाने के साथ नई आजीविका गतिविधियों को अपनाने के लिए भी उत्साहित हैं।
महतारी वंदन योजना से मिला आर्थिक संबल
समूह की दीदियों ने बताया कि महतारी वंदन योजना भी उनके लिए आर्थिक संबल का माध्यम बनी है। योजना के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग वे अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अपने काम और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं।
महिलाओं के मुताबिक, उन्हें अब तक योजना की 30 किश्तें प्राप्त हो चुकी हैं। नियमित आर्थिक सहायता से उन्हें राहत मिली है और छोटे-बड़े कामों को आगे बढ़ाने में सहयोग मिल रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के लिए बनाई विशेष राखी
रक्षाबंधन के अवसर पर प्रसन्न स्व सहायता समूह की दीदियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के लिए विशेष राखी भी तैयार की है। दीदियों ने बताया कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से उन्हें लगातार आर्थिक सहयोग मिल रहा है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें विशेष राखी भेजने की पहल की है।
हुनर, मेहनत और अवसर से आत्मनिर्भरता की नई राह
प्रसन्न स्व सहायता समूह की कहानी बताती है कि जब महिलाओं को संगठन, प्रशिक्षण और योजनाओं का सहयोग मिलता है, तो वे अपने हुनर को मजबूत आजीविका में बदल सकती हैं।
धान-चावल से बनी राखियां स्थानीय संसाधनों के उपयोग और महिला उद्यमिता का अनूठा उदाहरण बनकर सामने आई हैं। इन दीदियों की पहल न केवल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दे रही है, बल्कि आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी प्रेरक संदेश दे रही है।


















