Chhattisgarh Crime News : अक्षत अग्रवाल हत्याकांड में संजीव मंडल को उम्रकैद, कोर्ट में खुला ‘सुपारी’ का चौंकाने वाला दावा
अक्षत अग्रवाल हत्याकांड : स्टील कारोबारी की हत्या में संजीव मंडल को उम्रकैद, ‘खुद दी थी हत्या की सुपारी’ वाले दावे से मचा था सनसनी
अंबिकापुर, 18 अगस्त। Chhattisgarh Crime News: अंबिकापुर के चर्चित स्टील कारोबारी अक्षत अग्रवाल हत्याकांड में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले के आरोपी संजीव मंडल उर्फ भानू को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आर्म्स एक्ट के तहत भी आरोपी को 5 साल के कारावास की सजा दी गई है। यह मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है और अगस्त 2024 में अक्षत अग्रवाल की गोली मारकर हत्या के बाद पूरे इलाके में चर्चा में आया था।
कार में मिली थी अक्षत अग्रवाल की लाश
21 अगस्त 2024 को अंबिका स्टील इंडस्ट्रीज के मालिक महेश केडिया के 23 वर्षीय बेटे अक्षत अग्रवाल का शव कार में मिला था। अक्षत के सीने में गोली लगी थी। पुलिस जांच में कंपनी के पूर्व कर्मचारी संजीव मंडल का नाम सामने आया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को घटना के अगले दिन 22 अगस्त 2024 को हिरासत में लिया गया था। उसके कब्जे से 3 पिस्टल, 31 कारतूस, 50 हजार रुपये नकद और अक्षत की सोने की चेन, ब्रेसलेट व अंगूठी बरामद किए जाने की बात सामने आई।

33 गवाहों के बयान के बाद आया फैसला
मामले की सुनवाई जिला कोर्ट के सप्तम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश महेश कुमार राज की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों, डॉक्टर, फॉरेंसिक टीम, परिजनों और दोस्तों समेत कुल 33 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
अदालत ने संजीव मंडल को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का दोषी माना और आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत 5 साल के कारावास की सजा दी गई।

‘अक्षत ने खुद दी थी अपनी हत्या की सुपारी’ वाले दावे से मची थी सनसनी
मामले की जांच के दौरान आरोपी संजीव मंडल ने पुलिस के सामने एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया था। उसके मुताबिक, अक्षत अग्रवाल ने कथित तौर पर खुद अपनी हत्या की सुपारी दी थी।
आरोपी ने दावा किया था कि अक्षत ने उसे खुद को गोली मारने के लिए कहा था। उसके अनुसार, उसने अक्षत पर पिस्टल तानी, लेकिन गोली चलाने में हिचकिचाया। इसके बाद अक्षत ने कथित तौर पर खुद ट्रिगर दबा दिया और गोली उसके सीने में लगी। आरोपी ने यह भी दावा किया था कि इसके बाद उसने दो और फायर किए। हालांकि, अदालत में संजीव मंडल अपने पुलिस बयान से मुकर गया और खुद को निर्दोष बताया।
नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया गया
जांच के दौरान पुलिस ने अदालत की अनुमति से आरोपी का नार्को टेस्ट और पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया था। हालांकि, जांच के मुताबिक इन परीक्षणों से कोई नया तथ्य सामने नहीं आया।
इसलिए यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ‘अक्षत ने खुद हत्या की सुपारी दी थी’ वाला दावा आरोपी की ओर से किया गया था, नार्को टेस्ट से इसकी पुष्टि नहीं हुई थी।
तीन गोलियां बेहद करीब से मारी गई थीं
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार अक्षत को तीन गोलियां बेहद नजदीक से मारी गई थीं। पुलिस ने परिस्थितिजन्य और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर घटना के समय अक्षत अग्रवाल और संजीव मंडल की घटनास्थल पर मौजूदगी की पुष्टि किए जाने की बात कही।
जांच में किसी अन्य व्यक्ति के घटना में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई। अदालत ने उपलब्ध परिस्थितिजन्य, इलेक्ट्रॉनिक और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संजीव मंडल को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई।















