बिलासपुर

CG High Court : FIR से पहले सुनवाई का अधिकार नहीं…! अंबेडकर अस्पताल घोटाले केस में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

संभावित आरोपी को नहीं मिलेगा प्री-हियरिंग अधिकार

बिलासपुर, 21 मार्च। CG High Court : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी भी संभावित आरोपी को एफआईआर दर्ज होने से पहले अपनी बात रखने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि जांच शुरू होने से पहले सुनवाई अनिवार्य करने का कोई प्रावधान कानून में नहीं है।

अंबेडकर अस्पताल खरीद मामला

यह मामला डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल में पीईटी-सीटी स्कैन और गामा कैमरा मशीनों की खरीदी और स्थापना से जुड़ा है। इस प्रक्रिया में करीब ₹18.45 करोड़ के गबन और अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।

डॉक्टर ने दी थी चुनौती

मामले में तत्कालीन संयुक्त संचालक सह अधीक्षक डॉ. विवेक चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई थी, जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि उनकी भूमिका केवल तकनीकी जानकारी देने तक सीमित थी और उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया।

राज्य सरकार का पक्ष

राज्य सरकार ने कोर्ट में कहा कि जांच समिति केवल तथ्यों को एकत्र करने वाली इकाई है और सरकार को संज्ञेय अपराधों की जांच का स्वतंत्र अधिकार है। साथ ही, संभावित आरोपी को जांच से पहले सुनवाई का कोई अधिकार नहीं है।

कोर्ट की टिप्पणी

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु ने याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि, एफआईआर से पहले सुनवाई का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। जांच एजेंसियों के काम में शुरुआती स्तर पर दखल नहीं दिया जा सकता। इस फैसले को जांच एजेंसियों के अधिकारों को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

 

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