रायपुर/बिलासपुर, 27 जून। High Court : छत्तीसगढ़ में पूर्व और वर्तमान सांसदों-विधायकों समेत 15 से अधिक जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अदालतों में 20 से ज्यादा आपराधिक मामलों की सुनवाई जारी है। मई 2026 तक की हाईकोर्ट स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार इन मामलों की निगरानी फास्ट ट्रैक और विशेष अदालतों के जरिए की जा रही है।
सूची में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक कवासी लखमा, देवेंद्र यादव, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, पूर्व सांसद मधुसूदन यादव सहित कई नेताओं के नाम शामिल हैं।
रायपुर की विशेष अदालतों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े मामले की सुनवाई जारी है, वहीं कवासी लखमा और देवेंद्र यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई तय है। बलौदाबाजार, बिलासपुर, गरियाबंद, कवर्धा और राजनांदगांव की अदालतों में भी कई जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की प्रक्रिया चल रही है।
इन नेताओं पर आईपीसी की धारा 120बी, 469, 471 और आईटी एक्ट की धारा 67-ए के तहत गंभीर आरोप हैं, जिसकी सुनवाई के लिए 19 जून 2026 की तारीख तय की गई थी।
कई जिलों में भी चल रहे केस
बिलासपुर के सीजेएम कोर्ट में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव व अन्य के खिलाफ बीएनएस की धाराओं के तहत 1 जुलाई 2026 को आरोप तय होने हैं। वहीं बलौदाबाजार की तीसरी एडीजे कोर्ट में विधायक देवेंद्र यादव और किशोर नवरंगे के खिलाफ बलवे और हत्या के प्रयास के तहत आईपीसी की धारा 307, 435, 436, 153ए के मामले में 23 जून 2026 को सुनवाई की तारीख तय थी। बलौदाबाजार में ही पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा के खिलाफ दर्ज सरकारी काम में बाधा डालने और मारपीट के केस में 13 जुलाई 2026 को सुनवाई होनी है।
धोखाधड़ी का भी मामला पेडिंग
प्रदेश के जांजगीर-चांपा जिले में आरोपी बालेश्वर साहू, वेदप्रकाश साहू और गौतम राठौर के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत आईपीसी की धारा 420 और मारपीट के मामलों में जिला न्यायालय में अभियोजन साक्ष्य की प्रक्रिया चल रही है। कवर्धा में भी अशोक कुमार साहू व अन्य के खिलाफ दर्ज मामले में 17 जून 2026 को साक्ष्य के लिए तारीख तय की गई थी।
गरियाबंद जिले के सीजेएम कोर्ट में भाजपा के दो पूर्व विधायकों डमरूधर पुजारी और गोवर्धन मांझी के खिलाफ रास्ता रोकने और बलवा करने के तहत धारा 341, 147 के मामलों में 25 जून 2026 को कोर्ट में तारीख तय है। वहीं रोहित साहू के खिलाफ दर्ज दो अलग-अलग मामलों में से एक को मई में ट्रांसफर किया गया था और दूसरे में भी 25 जून को सुनवाई होनी है।
भाजपा के पूर्व सांसद पर भी केस लंबित
इसके अलावा राजनांदगांव के विशेष न्यायालय में पूर्व सांसद मधुसूदन यादव और मोहम्मद खालिद के खिलाफ जमाकर्ताओं के हितों के संरक्षण अधिनियम के तहत छह अलग-अलग मामले चल रहे हैं। इनमें से तीन मामलों में आरोपी नेताओं को हाई कोर्ट से राहत मिली हुई है। हाई कोर्ट ने मार्च 2021 में ही इन मुकदमों की कार्यवाही पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी थी। हालांकि, इसी कोर्ट में दर्ज तीन अन्य मामलों में हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है और वहां अभियुक्तों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट के समक्ष उपस्थित होने के आदेश जारी किए गए हैं।
हाईकोर्ट की निगरानी में लंबित इन मामलों को लेकर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।





