Tikrapara Suicide Case : टिकरापारा 5 मौतों के मामले में बड़ा खुलासा…! सूदखोरों के आतंक का एंगल सामने…दो लोगों से पूछताछ
धमकी, गुंडे और लगातार दबाव
रायपुर, 19 जुलाई। Tikrapara Suicide Case : राजधानी रायपुर के टिकरापारा में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में जांच अब सूदखोरी और कथित वसूली के नेटवर्क तक पहुंच गई है। शुरुआती जांच में पुलिस को ऐसे इनपुट मिले हैं कि मैकेनिक सैय्यद साजिद अली आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे और इसी का फायदा उठाकर कथित सूदखोरों ने उन्हें कर्ज के जाल में फंसा लिया था। अब पुलिस फिरोज और मुन्ना नामक दो लोगों से पूछताछ कर रही है।
धमकी, गुंडे और लगातार दबाव
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कर्ज की रकम पर कथित तौर पर भारी और अवैध ब्याज वसूला जा रहा था। समय पर भुगतान नहीं होने पर बदमाशों को घर भेजा जाता था। मोहल्ले के लोगों ने भी पुलिस को बताया कि साजिद को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाता था और परिवार को जान से मारने की धमकियां मिलती थीं। जांच एजेंसियां इस पहलू की पुष्टि करने में जुटी हैं।
CCTV फुटेज से मिले अहम सुराग
पुलिस ने साजिद के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। फुटेज में कुछ संदिग्ध युवक दिखाई दिए हैं। पुलिस उनकी पहचान और भूमिका की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, इन युवकों का संबंध कथित सूदखोरों से हो सकता है।
10 साल से परिवार से अलग रह रहा था साजिद
साजिद मूल रूप से पुरानी बस्ती के कुकरीपारा का रहने वाला था। वह पिछले करीब 10 वर्षों से अपने भाइयों से अलग टिकरापारा में किराए के मकान में परिवार के साथ रह रहा था। एक ही घर से पांच जनाजे उठने की घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।
सूदखोरी के पुराने मामलों की भी जांच
जांच के दौरान पुलिस दो साल पहले तेलीबांधा में हुए नीरज कमरानी आत्महत्या मामले को भी देख रही है, जिसमें कर्ज और कथित सूदखोरी को वजह बताया गया था।
हर एंगल से जांच जारी
पुलिस ने सभी पांचों शवों का पोस्टमार्टम कराया है। मोबाइल कॉल डिटेल, वित्तीय लेनदेन और परिजनों व पड़ोसियों के बयान जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों पर निष्कर्ष निकाला जाएगा। फिलहाल पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने सहित विभिन्न पहलुओं पर जांच शुरू की है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।






