विद्युत कर्मचारियों का हल्लाबोल: 1 मई से प्रदेशव्यापी ‘जनप्रतिनिधि संपर्क अभियान’, सांसदों और विधायकों के द्वार खटखटाएगी यूनियन

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​रायपुर/कोरबा | 24 अप्रैल 2026 Anil Dwivedi Union, छत्तीसगढ़ के विद्युत कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन द्वारा आगामी 1 मई (मजदूर दिवस) से 7 मई तक पूरे प्रदेश में ‘जनप्रतिनिधि संपर्क अभियान’ चलाने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान के जरिए कर्मचारी सीधे जनता के प्रतिनिधियों तक अपनी आवाज पहुँचाएंगे।​सत्ता के गलियारों तक पहुँचेगी गूंज: 106 जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन​इन मांगों पर टिका है कर्मचारियों का भविष्य​“निर्णय नहीं तो बड़ा आंदोलन”: अनिल द्विवेदी की दोटूक चेतावनी​जनप्रतिनिधियों और सदस्यों से अपील
रायपुर/कोरबा | 24 अप्रैल 2026 Anil Dwivedi Union, छत्तीसगढ़ के विद्युत कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन द्वारा आगामी 1 मई (मजदूर दिवस) से 7 मई तक पूरे प्रदेश में ‘जनप्रतिनिधि संपर्क अभियान’ चलाने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान के जरिए कर्मचारी सीधे जनता के प्रतिनिधियों तक अपनी आवाज पहुँचाएंगे।

सत्ता के गलियारों तक पहुँचेगी गूंज: 106 जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन

यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने बताया कि यह अभियान अभूतपूर्व होगा। प्रदेश भर के पदाधिकारी और कर्मचारी एकजुट होकर:

  • 90 विधायकों
  • 11 लोकसभा सांसदों
  • 05 राज्यसभा सांसदों से उनके निवास और कार्यालयों में संपर्क करेंगे। ज्ञापन सौंपकर उन्हें विभाग की जमीनी हकीकत और कर्मचारियों के शोषण से अवगत कराया जाएगा।

​इन मांगों पर टिका है कर्मचारियों का भविष्य

 

​यूनियन ने पांच सूत्रीय एजेंडा तैयार किया है, जिसे लेकर प्रदेश के विद्युत महकमे में भारी आक्रोश है:

  1. पुरानी पेंशन (OPS) की बहाली: विद्युत कंपनियों में तत्काल पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।
  2. नियमित भर्ती: रिक्त पड़े हजारों पदों पर तत्काल नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू हो।
  3. संविदा का नियमितीकरण: वर्षों से अल्प वेतन पर जान जोखिम में डालकर काम कर रहे संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए।
  4. आउटसोर्सिंग पर लगाम: विभाग में जारी ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग को जड़ से समाप्त किया जाए।
  5. सुरक्षा और न्यायसंगत वेतन: कर्मचारियों के लिए ‘रिस्क अलाउंस’ और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित हो।

“निर्णय नहीं तो बड़ा आंदोलन”: अनिल द्विवेदी की दोटूक चेतावनी

​प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कर्मचारी अब आश्वासन की घुट्टी पीने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा—

“यदि इन मूलभूत मांगों पर शासन ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में प्रदेश की विद्युत व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। यह अभियान केवल शुरुआत है, जरूरत पड़ी तो छत्तीसगढ़ के बिजली घर से लेकर सड़कों तक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।”

 

जनप्रतिनिधियों और सदस्यों से अपील

​यूनियन ने सांसदों और विधायकों से अपील की है कि वे कर्मचारियों की इन न्यायोचित मांगों को विधानसभा और संसद के पटल पर उठाएं। साथ ही, यूनियन ने अपने सभी सदस्यों को आह्वान किया है कि 1 से 7 मई के बीच इस अभियान को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएं।

 

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