MP : भोपाल के सिद्धांता अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन, लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन रद्द, जांच में मिलीं 19 गंभीर खामियां

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भोपाल, 02 सितंबर। MP : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित सिद्धांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की जांच के बाद अस्पताल का नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। जांच के दौरान अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कुल 19 गंभीर उल्लंघन सामने आए हैं। कार्रवाई के बाद अस्पताल में नए मरीजों की भर्ती पर रोक लगा दी गई है।

शिकायतों के बाद अस्पताल पहुंची जांच टीम

स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल के संचालन और व्यवस्थाओं को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन को पहले नोटिस जारी किया गया। सोमवार को विभाग की टीम ने अचानक अस्पताल पहुंचकर विभिन्न विभागों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई ऐसी कमियां सामने आईं, जिन्हें नियमों के गंभीर उल्लंघन के तौर पर देखा गया।

एक्स-रे से डायलिसिस तक कई व्यवस्थाओं में खामियां

जांच टीम को अस्पताल में एक-दो नहीं, बल्कि कुल 19 गंभीर कमियां मिलीं। एक्स-रे रूम, डायलिसिस यूनिट, पैथोलॉजी और एंडोस्कोपी सेक्शन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठे। डायलिसिस मशीनों और भर्ती मरीजों के रिकॉर्ड में भी अनियमितताएं पाई गईं। वहीं इमरजेंसी में ब्लड सैंपल रखने की व्यवस्था भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। ऑक्सीजन सप्लाई से जुड़ी व्यवस्था में भी कमियां सामने आईं।

सिर्फ एक मेन गेट, फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल

अस्पताल की फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर भी जांच में गंभीर सवाल उठे। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि अस्पताल में एंट्री और एग्जिट के लिए सिर्फ एक मुख्य गेट है। किसी आपात स्थिति में मरीजों को बाहर निकालने के लिए अलग सुरक्षित रास्ता या इमरजेंसी एग्जिट नहीं मिला। इसके अलावा फायर सेफ्टी से जुड़े कई जरूरी दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं पाए गए। जांच टीम ने इसे मरीजों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर स्थिति माना।

लाइसेंस रद्द होने के बाद नए मरीजों की भर्ती बंद

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अब सिद्धांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में नए मरीजों की भर्ती नहीं की जा सकेगी। अस्पताल पहले से ही जमीन से जुड़े विवाद को लेकर कानूनी प्रक्रिया में है। अस्पताल की इमारत रेडक्रॉस की जमीन पर बनी है और इसका एग्रीमेंट जुलाई 2029 तक बताया गया है। जमीन विवाद को लेकर मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अस्पताल के भविष्य के संचालन को लेकर भी स्थिति गंभीर हो गई है।

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