Instagram Love Story बनी ब्लैकमेलिंग का खेल! विवाहित महिला से दुष्कर्म का आरोप, फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ऐंठे जेवर

उज्जैन। ujjain-instagram-love-crime-blackmailing-case सोशल मीडिया पर शुरू हुई एक दोस्ती कब भरोसे, रिश्ते और फिर कथित ब्लैकमेलिंग की दर्दनाक कहानी बन गई, इसका मामला उज्जैन में सामने आया है। इंस्टाग्राम के जरिए एक विवाहित महिला की नागदा निवासी युवक से पहचान हुई। बातचीत बढ़ी तो दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। लेकिन महिला का आरोप है कि यही रिश्ता बाद में उसके लिए मुसीबत बन गया।
महिला की शिकायत के मुताबिक, युवक ने मुलाकातों के दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बना लिए। आरोप है कि बाद में इन्हीं तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे डराया जाने लगा।
प्यार से शुरू हुआ रिश्ता, डर और धमकी तक पहुंचा
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2022 में चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र की रहने वाली विवाहित महिला की इंस्टाग्राम के माध्यम से नागदा के प्रकाश नगर निवासी दुर्गेश परमार से पहचान हुई थी। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए।
महिला का आरोप है कि इसी दौरान दुर्गेश कई बार उज्जैन आया और उससे मुलाकात की। बाद में उसने महिला के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए। आरोप है कि इन्हें वायरल करने की धमकी देकर वह महिला पर दबाव बनाने लगा।
5 लाख के जेवर और नकदी, फिर भी नहीं रुकी मांग
शिकायत के अनुसार, बदनामी के डर से महिला ने आरोपी को करीब 5 लाख रुपये कीमत के जेवरात और नकदी दे दी। लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी रुपये की मांग जारी रही।
एक तरफ रिश्ते का भरोसा टूटता गया और दूसरी तरफ कथित धमकियों का दबाव बढ़ता गया। आखिरकार परेशान महिला ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया
चिमनगंज मंडी थाना पुलिस ने महिला की शिकायत पर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और अन्य संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। थाना प्रभारी विवेक कनोडिया के अनुसार आरोपी दुर्गेश परमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर बनी दोस्ती की यह कहानी अब पुलिस जांच तक पहुंच चुकी है। जहां शुरुआत भरोसे और नजदीकियों से हुई थी, वहीं आरोप है कि बाद में वही रिश्ता डर, धमकी और आर्थिक शोषण का कारण बन गया।




