
CSEB Fly Ash Commission Scam फिल्म दिलवाले का फेमस संवाद ” हमें तो अपनों ने लूटा, गैरों में कहाँ दम था, मेरी कश्ती वहाँ डूबी जहाँ पानी कम था।” को सीएसईबी के रिटायर्ड साहब कश मारते हुए करीबियों को बता रहे हैं लेकिन फर्क बस इतना है कि फिल्म में दर्द असली था, और यहां दर्द में भी कमीशन की खुशबू है।
CSEB Fly Ash Commission Scam बात फ्लाई ऐश परिवहन से रकम बनाने वाले ठेकेदार और एक अधिकारी की है। जो सिक्के की खनक के आगे अपना सिद्धांत बेचकर ठेकेदार से फिफ्टी फिफ्टी का समझौता किया था। राख डैम से निकलता गया और बिल की रकम दुगुनी होकर इंजीनियरिंग वाले शंकरजी के पास जमा होता गया। सब कुछ ठीक चल ही रहा था कि साहब अपना हिस्सा ठेकेदार से मांग बैठे..! सिद्धांत? वो तो सिक्कों की खनक में पहले ही विसर्जित हो चुका था।
सो हिस्से की बात इंजीनियरिंग वाले ट्रांसपोर्ट को रास नही आया और उल्टा सीधा किस्सा सुनाकर साहब को धमकाने लगे। कमीशन का रिश्ता अब कुश्ती में बदल गया। सूत्रधार की माने दो नंबर की कमाई के लिए ऑफिस में हाथा पाई तक हुई थी। साहब जब रिटायर्ड के अंतिम दौर में ठेकेदार ने लगभग 2 खोखा हजम कर डकार भी नही मारा …साहब करे भी क्या कमीशन और एड्रजेस्टमेंट का पैसा जो था। जहर का घूंट पी कर रिटायर्ड होकर चले तो गए लेकिन कोई राख से रकम खड़ा करने का पुराने जख्म को कुरेदता है तो साहब कश लगाते हुए अजय देवगन का डायलॉग हमें तो अपनों ने लूटा, गैरों में कहाँ दम था, मेरी कश्ती वहाँ डूबी जहाँ पानी कम था।” को बोलकर चुप हो जाते है। असलियत ये भी है कि कश्ती वहां नहीं डूबी जहां पानी कम था…कश्ती तो वहीं डूबी, जहां लालच ज्यादा था।



