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Coal theft from coal mines : चोरी के हर ट्रक पर तय था “नजराना”!… दीपका में कोयला चोरी का खेल बिना संरक्षण कैसे चलता रहा?

215 टन कोयला, तीन ट्रेलर और पेलोडर जब्त… पुलिस कार्रवाई के बाद अब SECL की भूमिका पर उठने लगे सवाल

कोरबा।Coal theft from coal mines दीपका खदान( Deepka Coal Mines)क्षेत्र में पकड़े गए तीन ओवरलोड ट्रेलरों ने सिर्फ कोयला चोरी का मामला उजागर नहीं किया, बल्कि उस पूरे नेटवर्क की परतें भी खोल दी हैं जो लंबे समय से खदान क्षेत्र में सक्रिय बताया जा रहा है। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि 215 टन चोरी का कोयला पकड़ा गया, बल्कि यह भी है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में अवैध कोयला खदान क्षेत्र से बाहर कैसे निकल रहा था?

Korba : चोरी के हर कोयला गाड़ी पर सुरक्षा एजेंसी वसूल रही नजराना.. दीपका पुलिस ने पकड़ा तीन ट्रक, पढ़ें कैसे काम कर रहा सिंडीकेट

 

 

दीपका पुलिस (Deepka Police)ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीन ट्रेलर और एक पेलोडर भी जब्त किया गया है। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल SECL की सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की निगरानी पर खड़ा हो रहा है।

 

ओवरलोडिंग की आड़ में चलता रहा “कोयला खेल”

 

सूत्रों की मानें तो दीपका खदान क्षेत्र में ओवरलोडिंग कोई नई बात नहीं है। आरोप है कि चोरी के कोयले को वैध परिवहन की आड़ में बाहर भेजा जाता था। ट्रेलरों में तय मात्रा से अधिक कोयला भरकर उसे अलग-अलग खरीदारों तक पहुंचाया जाता था। इस पूरे खेल में कथित तौर पर कई स्तरों पर “सेटिंग” काम करती थी।खदान क्षेत्र से जुड़े लोगों का दावा है कि हर ट्रक से सुरक्षा एजेंसी और कुछ जिम्मेदार लोगों तक “नजराना” पहुंचता था। यही वजह है कि लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।

बिना मिलीभगत के खदान से बाहर निकलना मुश्किल

 

दीपका जैसी हाई सिक्योरिटी खदान से भारी मात्रा में कोयला बाहर निकलना आसान नहीं माना जाता। खदान में एंट्री से लेकर डिस्पैच तक कई स्तरों पर निगरानी रहती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह पूरा खेल सिर्फ ट्रांसपोर्टरों और चालकों के भरोसे चल रहा था या फिर अंदर से भी किसी का संरक्षण मिला हुआ था?स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय कई ओवरलोड गाड़ियां नियमित रूप से निकलती थीं। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।

 

पुलिस की कार्रवाई के बाद बढ़ी बेचैनी

 

30 अप्रैल की रात दीपका पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सिरकी मोड़ के पास घेराबंदी कर तीन ट्रेलरों को पकड़ा। जांच में अवैध कोयला परिवहन की पुष्टि होने पर पुलिस ने ट्रेलर चालकों, लोडिंग कराने वालों, ट्रांसपोर्टर और खरीददार समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में रौनक गुप्ता, सरफराज खान उर्फ पम्मी, मुकेश चौधरी, सुजीत सिंह, मुबारक खान और अर्जुन बंसल शामिल हैं। पुलिस ने CG 10 BX 0792, CG 10 BX 8288, CG 10 BY 8288 नंबर के ट्रेलर और CG 07 CS 2199 पेलोडर जब्त किया है।

अब निगाहें SECL प्रबंधन पर

पुलिस ने साफ किया है कि मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। लेकिन अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या जांच की आंच SECL अधिकारियों और सुरक्षा व्यवस्था तक भी पहुंचेगी या मामला सिर्फ ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवरों तक सीमित रह जाएगा। क्योंकि जिस तरह से खदान क्षेत्र से लगातार अवैध कोयला निकलने की बातें सामने आ रही हैं, उससे यह सवाल और गहरा हो गया है कि आखिर “अंदर” की मदद के बिना इतना बड़ा खेल संभव कैसे था?

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