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Korba News: खाद्य सुरक्षा में कोरबा का दबदबा बरकरार, लगातार तीसरी बार बना प्रदेश का नंबर-1 जिला

राष्ट्रीय रैंकिंग में भी सुधार, 118वें से 112वें स्थान पर पहुंचा जिला

कोरबा, 21 जून। Korba Food Safety Index First Rank खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में कोरबा जिले ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली का परिचय देते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। छत्तीसगढ़ फूड सेफ्टी इंडेक्स में कोरबा ने लगातार तीसरी बार प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर अपनी श्रेष्ठता साबित की है। इस उपलब्धि के साथ जिले ने रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे बड़े जिलों को भी पीछे छोड़ दिया है।

सिर्फ राज्य स्तर पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी कोरबा की स्थिति पहले से मजबूत हुई है। पिछले वर्ष राष्ट्रीय फूड सेफ्टी रैंकिंग में 118वें स्थान पर रहने वाला कोरबा इस वर्ष 112वें स्थान पर पहुंच गया है, जो जिले के बेहतर प्रदर्शन का प्रमाण माना जा रहा है।

नियमित निगरानी और सख्त अमल का मिला परिणाम

जिले की इस सफलता के पीछे खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की सतत जांच, व्यापक जनजागरूकता अभियान, लाइसेंस एवं पंजीयन प्रक्रिया को मजबूत बनाना तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का प्रभावी क्रियान्वयन प्रमुख कारण रहे हैं। खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा निर्धारित सभी मानकों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया गया, जिसका परिणाम आज पूरे जिले के सामने है।

अधिकारियों की भूमिका रही अहम

कलेक्टर के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकास भगत और संघर्ष कुमार मिश्रा ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। दोनों अधिकारियों द्वारा लगातार किए गए निरीक्षण, निगरानी और जागरूकता कार्यक्रमों की व्यापक स्तर पर सराहना हो रही है। उनके प्रयासों से कोरबा को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।

जनता का बढ़ा भरोसा

इस उपलब्धि से जिले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिली है। साथ ही आम नागरिकों का सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों के प्रति विश्वास भी बढ़ा है। लगातार तीसरी बार प्रथम स्थान हासिल कर कोरबा ने यह साबित कर दिया है कि प्रभावी निगरानी और प्रतिबद्ध प्रशासनिक प्रयासों से बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में कोरबा की यह सफलता अब प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का विषय बन गई है।

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