BALCO Project Aarogya : बालको की स्वास्थ्य पहल का बड़ा असर…! 1.2 लाख लोगों तक पहुंचीं बेहतर चिकित्सा सेवाएं…70 गांवों में घर-घर इलाज
कुपोषण से मातृ-शिशु स्वास्थ्य तक 93 हजार लोगों को मिला लाभ
बालकोनगर, 20 जून। BALCO Project Aarogya : ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) की पहल उल्लेखनीय परिणाम दे रही है। बालको की मोबाइल हेल्थ वैन (एमएचवी) और प्रोजेक्ट आरोग्य के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026 में करीब 1.2 लाख लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गई हैं। इन पहलों ने दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों के लिए इलाज, परामर्श और स्वास्थ्य जांच को पहले की तुलना में अधिक सुलभ बना दिया है।

लाखों ग्रामीणों को मिला सहारा
पाढ़ीमार गांव की 60 वर्षीय फूलमणि एक्का कई वर्षों से गठिया के कारण जोड़ों के दर्द से परेशान थीं। आर्थिक चुनौतियों और स्वास्थ्य केंद्र की दूरी के कारण नियमित इलाज उनके लिए संभव नहीं था। फूलमणि बताती हैं कि बालको की मोबाइल हेल्थ वैन गांव पहुंचने लगी तो उन्हें घर के नजदीक ही डॉक्टरों की सलाह, दवाएं और फिजियोथेरेपी संबंधी मार्गदर्शन मिलने लगा, जिससे उनकी स्थिति में सुधार हुआ है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए बालको की मोबाइल हेल्थ वैन आसपास के 70 गांवों और समुदायों में प्रत्येक पखवाड़े नियमित रूप से पहुंचती है। बदलती स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसमें फिजियोथेरेपी सेवाओं के साथ प्रयोगशाला जांच सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। वैन में 40 से अधिक प्रकार की जांच मौके पर ही की जा सकती हैं, जिससे समय रहते बीमारियों की पहचान और उपचार संभव हो पाता है। वित्तीय वर्ष 2026 में इस पहल से 27 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हुए।
प्रोजेक्ट आरोग्य के तहत समुदाय आधारित और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता अभियान और प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं संचालित की जाती हैं। कार्यक्रम के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण, एनीमिया नियंत्रण, एचआईवी, टीबी और नशामुक्ति जैसे विषयों पर जागरूकता और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
बालकोनगर के समीप रहने वाली नेहा कंवर बताती हैं कि प्रोजेक्ट आरोग्य से जुड़ने के बाद उनकी ढाई वर्षीय बेटी काव्या के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। पोषण संबंधी परामर्श के आधार पर भोजन में बदलाव करने से दो महीनों के भीतर बच्ची का वजन 1.5 किलोग्राम बढ़ गया और वह सामान्य वजन की श्रेणी में आ गई।
कोरबा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना प्राथमिकता है और इस दिशा में बालको जैसे उद्योग महत्वपूर्ण सहयोगी की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट आरोग्य और मोबाइल हेल्थ वैन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं, जिससे चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता और पहुंच दोनों में सुधार हुआ है।
स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को प्रोत्साहित करने और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं को समुदायों तक पहुंचाने के माध्यम से प्रोजेक्ट आरोग्य ने वित्तीय वर्ष 2026 में 93 हजार से अधिक लोगों को लाभान्वित किया। बालको की ये दोनों पहलें ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और स्वस्थ, सशक्त एवं आत्मनिर्भर समुदाय के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।






