Spying on the Collector : बंद फोन से सुन रहे थे कलेक्टर की बातें…! ऑफिस में मचा हड़कंप…स्टेनो सस्पेंड
गोपनीय मीटिंग की जानकारी पहुंच रही थी बाहर
दमोह, 09 मई। Spying on the Collector : मध्य प्रदेश के दमोह जिले से सरकारी सिस्टम को हिला देने वाला जासूसी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां खुद कलेक्टर ने अपनी ही ‘जासूसी’ का भंडाफोड़ कर दिया। मामला सामने आने के बाद कलेक्ट्रेट कार्यालय में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव अपने कक्ष में कुछ चुनिंदा अधिकारियों के साथ गोपनीय बैठक कर रहे थे। इस दौरान वे निरीक्षण कार्यक्रम की रणनीति बना रहे थे। खास बात यह थी कि बैठक की जानकारी कमरे से बाहर किसी को नहीं थी।
लेकिन तभी कलेक्टर के पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने पूछा, ‘सर, क्या आप निरीक्षण पर आने वाले हैं?’ बस यही सवाल सुनते ही कलेक्टर चौंक गए। उन्हें शक हुआ कि आखिर गोपनीय बैठक की जानकारी बाहर कैसे पहुंच गई, जबकि कमरे से कोई बाहर ही नहीं गया था।
बंद फोन से हो रही थी ‘सुनवाई’
सूत्रों के मुताबिक, कलेक्टर ने तुरंत ऑफिस के फोन कनेक्शन और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच करवाई। जांच में जो सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया। बताया जा रहा है कि स्टेनो कक्ष में फोन डिस्कनेक्ट या बंद होने के बावजूद बातचीत सुनी जा रही थी। इसके बाद कलेक्टर प्रताप नारायण यादव भड़क गए और स्टेनो सचिन खरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं अन्य स्टाफ को उनके मूल कार्यक्षेत्र में वापस भेज दिया गया है।
प्रशासनिक गलियारों में मचा हड़कंप
इस पूरे मामले के बाद कलेक्ट्रेट कार्यालय (Spy Scandal) में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सरकारी दफ्तर में गोपनीय सूचनाएं लीक होने और कथित जासूसी को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल मामले की आंतरिक जांच जारी है।



