रायपुर, 19 फरवरी। Tax Free : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पुराने वाहनों के नाम ट्रांसफर पर पिछले चार महीनों से लिया जा रहा 1% अतिरिक्त टैक्स अब वापस ले लिया गया है। यह निर्णय परिवहन विभाग स्तर पर लिया गया है।
इस संबंध में वाहन व्यवसाय से जुड़ी संस्था RARA ने सहयोग केंद्र में भेंट कर केदार कश्यप को ज्ञापन सौंपा था। संस्था द्वारा टैक्स को वापस लेने की मांग की गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए माननीय परिवहन मंत्री ने सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेकर उक्त 1% टैक्स को निरस्त कर दिया।
पुराने वाहनों के नामांतरण पर 1% टैक्स से बढ़ी थी परेशानी
बीते व्यवस्था के तहत वाहन चाहे 10–15 साल पुराना ही क्यों न हो, नामांतरण (ट्रांसफर) के दौरान टैक्स उसकी मूल शोरूम कीमत के आधार पर वसूला जा रहा है। इस नियम के चलते 5 से 10 लाख रुपये कीमत की पुरानी कारों पर 5 हजार से 10 हजार रुपये तक अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ रही है। टैक्स जमा किए बिना वाहन मालिक का नाम ट्रांसफर भी संभव नहीं हो पा रहा है।
सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग पर
नामांतरण की सामान्य सरकारी फीस लगभग 2200–2300 रुपये है। फार्म और अन्य शुल्क जोड़कर यह खर्च करीब 3 हजार रुपये तक पहुंचता है। लेकिन 1 प्रतिशत टैक्स लागू होने के बाद यही खर्च 6 से 10 हजार रुपये तक अतिरिक्त बढ़ जा रहा है।इसका सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग के उन लोगों पर पड़ा है, जो किफायती विकल्प के रूप में पुरानी गाड़ियां खरीदते हैं।
RARA ने माना महत्वपूर्ण फैसला
बहरहाल, पुराने वाहनों के नाम ट्रांसफर पर 1% टैक्स समाप्त होने पर संस्था के पदाधिकारियों ने इसे वाहन मालिकों और व्यापारियों के हित में लिया गया महत्वपूर्ण फैसला बताया है। उनका कहना है कि इस निर्णय से आम जनता को राहत मिलेगी और वाहन ट्रांसफर प्रक्रिया सुगम होगी।