
कोरबा/रायपुर। OPS Protest in Chhattisgarh छत्तीसगढ़ की राजनीति में कर्मचारियों का दबाव अब खुलकर सामने आने लगा है। पुरानी पेंशन योजना (OPS), संविदा कर्मियों के नियमितीकरण और वेतन विसंगति जैसे मुद्दों को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने रविवार को बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। यूनियन का प्रतिनिधिमंडल सीधे रामपुर विधायक Phoolsingh Rathiya के गृह ग्राम केरवा द्वारि पहुंचा और सरकार तक संदेश देने वाला तीखा ज्ञापन सौंपा।

यूनियन नेताओं ने साफ संकेत दिए कि अगर कर्मचारियों की मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज हो सकता है। प्रदेशभर में चल रहे जनप्रतिनिधि जनसंपर्क अभियान को अब राजनीतिक दबाव की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने विधायक के सामने कर्मचारियों की लंबित समस्याओं की लंबी सूची रखी। सबसे ज्यादा जोर पुरानी पेंशन योजना की बहाली पर रहा। यूनियन नेताओं ने कहा कि “OPS कर्मचारियों का अधिकार है, एहसान नहीं।”
ज्ञापन में उठीं ये बड़ी मांगें
पुरानी पेंशन योजना (OPS) तत्काल लागू हो
संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण
वेतन विसंगतियों का जल्द समाधान
बिजली कर्मचारियों के लिए सुरक्षा संसाधन बढ़ाए जाएं
रिक्त पदों पर भर्ती कर कार्यभार कम किया जाए
चिकित्सा और सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं में विस्तार हो
इस दौरान यूनियन के कई बड़े पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें प्रदीप पाठक, टी.पी. गुप्ता, सम्मेलाल श्रीवास, उदय राठौर, संजय लसार, सागर देवांगन, लक्ष्मी प्रसाद यादव, सुखीदास मंहत, मुरलीधर सोनिकर और अन्य शामिल रहे।
सूत्रों की मानें तो कर्मचारियों का यह अभियान सिर्फ ज्ञापन तक सीमित नहीं रहने वाला। आने वाले दिनों में प्रदेशभर के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी भी की जा रही है। राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को “कर्मचारी वोट बैंक की सीधी चेतावनी” के तौर पर देखा जा रहा है।वहीं विधायक फूल सिंह राठिया ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को शासन स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा और समाधान के लिए सकारात्मक पहल की जाएगी।



