सुकमा

Surrender Naxalism : ब्रेकिंग…! 50 लाख का इनामी नक्सली पापा राव करेगा सरेंडर…नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों को बड़ा झटका, टॉप लीडर झुकने को मजबूर

बीजापुर, 24 मार्च। Surrender Naxalism : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। नक्सल संगठन के सबसे बड़े और खतरनाक नेताओं में शामिल पापा राव उर्फ सुन्नम चंद्रैया के सरेंडर करने की खबर है। बताया जा रहा है कि वह अपने एक दर्जन साथियों के साथ जंगल से निकलकर आत्मसमर्पण के लिए आ रहा है।

पापा राव (61) को बीजापुर क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय और कुख्यात नक्सल कमांडर माना जाता है। वह दशकों से नक्सली गतिविधियों में शामिल रहा है और कई बड़ी वारदातों का मास्टरमाइंड बताया जाता है।

जानकारी के मुताबिक, 6 जनवरी को कुटरू-बेदरे रोड पर हुए आईईडी ब्लास्ट में 8 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे और एक वाहन चालक की भी मौत हुई थी। इस हमले के पीछे पापा राव का ही हाथ बताया गया था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने 50 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

एनकाउंटर में मारे जाने की खबर गलत साबित हुई

गौरतलब है कि कुछ समय पहले उसके एनकाउंटर में मारे जाने की खबर भी सामने आई थी, जो बाद में गलत साबित हुई। अब उसके आत्मसमर्पण की खबर को नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

इस मामले पर विष्णु देव साय ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा तय की गई 31 मार्च की समयसीमा नजदीक है। ऐसे में यदि पापा राव सरेंडर करता है तो यह एक सकारात्मक कदम है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

पापा राव की पत्‍नी भी थी नक्‍सली

पापा राव की पत्‍नी उर्मिला भी नक्‍सली थी, जो गुरिल्ला आर्मी बटालियन की सदस्‍य थी. पिछले साल नवंबर में छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में पापा राव की पत्नी उर्मिला मारी गई थी। उर्मिला माओवादियों की पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) बटालियन के लिए रसद आपूर्ति की मुख्य संचालक थी। आठ लाख रुपये की इनामी उर्मिला अपने पति माओवादी कैडर पापाराव के साथ एक्टिव थी।

दोनों लंबे समय से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को संचालित कर रहे थे। उर्मिला पामेड़ एरिया कमेटी में सचिव के पद पर सक्रिय थी, जो माओवादी संगठन की सबसे हिंसक एरिया कमेटियों में से एक मानी जाती है। हाल के वर्षों में आम ग्रामीणों की हत्या की सर्वाधिक घटनाएं इसी एरिया कमेटी के अंतर्गत हुई हैं तथा उर्मिला इस कमेटी की सचिव होने के साथ-साथ संगठन की राजनीतिक शाखा में भी सक्रिय रही।

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