CG Assembly Special Session : विशेष सत्र में संग्राम…! सत्ता बनाम विपक्ष…नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत का सीधा हमला
30 अप्रैल के विशेष सत्र में बड़ा फैसला
रायपुर, 24 अप्रैल। CG Assembly Special Session : छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल को प्रस्तावित है, जिसमें सियासी टकराव के आसार नजर आ रहे हैं।
राजभवन से जारी पत्र के अनुसार, सत्र में शासकीय कार्य लिया जाएगा। वहीं सत्ता पक्ष ने संकेत दिए हैं कि इस दौरान महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जा सकता है।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि राज्यपाल का पत्र मिलने के बाद विपक्ष सत्र में भाग लेगा और अपनी बात मजबूती से रखेगा। हालांकि उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लोकसभा की कार्यवाही के खिलाफ राज्य विधानसभा में प्रस्ताव लाना संवैधानिक रूप से उचित है।
वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट किया कि इस विशेष सत्र में विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने “आधी आबादी” यानी महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी की है।
संवैधानिक पहलू क्या कहते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य विधानसभा द्वारा संसद या लोकसभा की कार्यवाही के खिलाफ प्रस्ताव लाना अवैध नहीं है। यह केवल सदन की राय होती है और इसका कोई कानूनी प्रभाव नहीं पड़ता।
पूर्व में भी कई राज्यों की विधानसभाओं ने केंद्र के कानूनों के विरोध में प्रस्ताव पारित किए हैं, जिन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत वैध माना गया है। अब सभी की नजर 30 अप्रैल के इस विशेष सत्र पर है, जहां सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।



