कोरबा

Power Plant Protest : कोरबा जिले में निजी पावर प्लांट विस्तार के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध…! पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से हस्तक्षेप की मांग…1600 मेगावाट के विस्तार पर विवाद

ग्रामीणों ने कलेक्टर को दी शिकायत

कोरबा, 12 फरवरी। Power Plant Protest : कोरबा जिले में स्थित निजी पावर प्लांट के 1600 मेगावाट के प्रस्तावित विस्तार को लेकर ग्रामीणों का विरोध शुरू हो गया है। प्रभावित गांवों के लोग कलेक्टर के पास शिकायत लेकर पहुंचे और पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से हस्तक्षेप की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि पावर प्लांट के प्रबंधन ने पहले किए गए वादों का पालन नहीं किया है, जिससे उन्हें अपनी भविष्य की योजनाओं को लेकर संदेह है।

यह प्लांट, जो वर्तमान में निजी पावर प्लांट के नाम से संचालित है, वर्ष 2005-06 में स्थापित हुआ था। उस समय, भूमि अधिग्रहण और जनसुनवाई के दौरान कंपनी ने प्रभावित परिवारों के एक सदस्य को रोजगार देने, चिकित्सा और शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा किया था। हालांकि, 2012-13 में हुए विस्तार के दौरान भी यही वादे किए गए थे, परंतु ग्रामीणों का आरोप है कि इन वादों का पालन नहीं हुआ।

अब, पावर प्लांट के विस्तार की योजना के तहत पांचवीं और छठी इकाई में 1600 मेगावाट की अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जा रही है। इस विस्तार से 9 गांवों के लगभग 750 मकान प्रभावित हो सकते हैं, और करीब चार हजार लोग विस्थापन की स्थिति में आ सकते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पुराने वादों को लेकर आशंका है, और वे चाहते हैं कि जब तक इन वादों को वास्तविक रूप से पूरा नहीं किया जाता, तब तक कोई नया अधिग्रहण या विस्तार न किया जाए। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से जनहित में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है।

ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और विस्तार योजना पर विरोध जताया, यह कहते हुए कि पुराने वादों की पूर्ति के बिना वे किसी नए अधिग्रहण का समर्थन नहीं करेंगे।

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