SuShasan Tihar : कैसी हो माताजी… राशन मिल रहा है न…? कोरबा के शिविर में कलेक्टर की आत्मीयता ने जीत लिया ग्रामीणों का दिल
मंच छोड़ बुजुर्ग महिला के पास पहुंचे कलेक्टर
कोरबा, 14 मई। SuShasan Tihar : सुशासन तिहार अब केवल सरकारी फाइलों के निपटारे का माध्यम नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच भरोसे और संवेदनशीलता का प्रतीक बनता जा रहा है। केराकाछार में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान ऐसा ही भावुक दृश्य देखने को मिला, जब जिले के कलेक्टर कुणाल दुदावत ने एक 80 वर्षीय वृद्ध महिला से आत्मीयता से बातचीत की।

मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे थे, जिनमें विशेष पिछड़ी जनजाति “पहाड़ी कोरवा” समुदाय के लोग भी शामिल थे।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर कुणाल दुदावत की नजर सामने बैठी एक बुजुर्ग महिला पर पड़ी। वे मंच की औपचारिकता छोड़ सीधे उनके पास पहुंचे और बड़े स्नेह से पूछा, कैसी हो माताजी…राशनकार्ड से चावल मिल रहा है न? महतारी वंदन योजना के पैसे खाते में आ रहे हैं?
जिले के कलेक्टर को अपने पास देखकर वृद्ध महिला भावुक हो गईं और मुस्कुराते हुए बोलीं, हां साहब, सब मिल रहा है। इसके बाद कलेक्टर ने उनसे गांव की समस्याओं, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य सुविधाओं को लेकर भी आत्मीय चर्चा की।
संवेदनशीलता का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। कलेक्टर ने वहां मौजूद अन्य बुजुर्गों और पहाड़ी कोरवा समुदाय के लोगों से भी मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें शासन की योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कुछ महिलाओं ने महतारी वंदना योजना में नाम नहीं जुड़ पाने की समस्या बताई, जिस पर कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि पात्र महिलाओं के नाम जल्द जोड़े जाएंगे।

केराकछार के ग्रामीणों के लिए यह दिन सिर्फ एक सरकारी शिविर नहीं, बल्कि ऐसा अनुभव बन गया जहां उन्होंने महसूस किया कि सरकार उनकी दहलीज तक पहुंच रही है, सिर्फ कागजों के लिए नहीं, बल्कि उनकी मुस्कान के लिए।



