Medical Education : छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा को नई उड़ान…! राज्य सरकार ने जिले के मेडिकल कॉलेजों में 1009 नए पदों को दी मंजूरी…! यहां देखें जंबो List
रायपुर, 08 नवंबर। Medical Education : राज्य स्थापना के बाद से 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा में छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य गठन के समय जहां केवल एक ही मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मेडिकल, नर्सिंग और फिजियोथैरेपी संस्थानों का व्यापक नेटवर्क विकसित हो चुका है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने चिकित्सा शिक्षा को नई ऊंचाई देने के लिए 1009 नए पदों के सृजन और स्वीकृति को मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, हमारी सरकार छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन नए पदों से युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर पैदा होंगे और हर ज़िले में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
पदों का वितरण
मेडिकल कॉलेज रायगढ़: 39 पद
डीकेएस रायपुर: 1 पद
मेडिकल कॉलेज बिलासपुर: 20 पद
गवर्नमेंट फिजियोथेरेपी कॉलेज (जगदलपुर, जशपुर, मनेंद्रगढ़, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़) प्रत्येक में 36 पद, कुल 216 पद
नवीन मेडिकल कॉलेज (दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कुनकुरी-जशपुर) प्रत्येक में 60 पद, कुल 180 पद
नवीन मेडिकल कॉलेज (जांजगीर-चांपा, कबीरधाम) प्रत्येक में 60 पद, कुल 120 पद
सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, बिलासपुर: 55 पद
मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर (रेडियोथेरपी विभाग): 7 पद
नवीन नर्सिंग कॉलेज (दंतेवाड़ा, बैकुंठपुर, बीजापुर, बलरामपुर, जशपुर) 210 पद
नवीन नर्सिंग कॉलेज (नवा रायपुर, पुसौर-रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कुरूद-धमतरी) 168 पद
नर्सिंग कॉलेजों के लिए कुल पद: 378
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आधार
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि इन पदों की स्वीकृति से राज्य में चिकित्सा शिक्षा का बुनियादी ढाँचा और मजबूत होगा तथा विशेषज्ञ सेवाओं की क्षमता बढ़ेगी। इससे स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और प्राथमिक व द्वितीयक स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की आयुक्त शिखा राजपूत तिवारी (Medical Education) ने बताया कि यह निर्णय राज्य के 25वें स्थापना वर्ष के अवसर पर एक ऐतिहासिक कदम है, जो छत्तीसगढ़ के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।