
Sonam Wangchuk hunger strike: नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के समर्थन में केंद्र सरकार से बातचीत की अपील की है। हजारे ने कहा कि सरकार को वांगचुक के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए और उनकी मांगों पर बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।
अन्ना हजारे ने शनिवार को जारी एक वीडियो संदेश में कहा, “सरकार को उनके सब्र की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। उनकी मांगों पर सहमति हो या असहमति, लेकिन बातचीत करने में क्या परेशानी है।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान निकाला जाना चाहिए।
Sonam Wangchuk hunger strike: 21वें दिन बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत
सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। शनिवार को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया।
वांगचुक नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा वह शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी अपनी आवाज उठा रहे हैं।
Sonam Wangchuk hunger strike: पत्नी ने इलाज को लेकर जताई चिंता
अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद सोनम वांगचुक की पत्नी ने बयान जारी कर कहा कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना कोई दवा या इलाज शुरू नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है।
Sonam Wangchuk hunger strike: अभिजीत दीपके भी पहुंचे जंतर-मंतर
इस बीच कॉकरेच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी सोनम वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति और बड़े स्तर पर अभियान चलाने की बात कही।
गौरतलब है कि अन्ना हजारे ने वर्ष 2011 में लोकपाल कानून की मांग को लेकर दिल्ली में बड़ा आंदोलन किया था, जिसने तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर व्यापक राजनीतिक दबाव बनाया था।






