Run For Green : ‘रन फॉर ग्रीन’ में उमड़ा कोरबा…! हजारों लोगों ने लगाई पर्यावरण बचाने की दौड़…किरण पिस्दा ने बढ़ाया जोश
'एक पेड़ माँ के नाम' बना जनआंदोलन
कोरबा, 18 जुलाई। Run For Green : पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन कोरबा ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत शनिवार को “रन फॉर ग्रीन” मैराथन का भव्य आयोजन किया। डॉ. भीमराव आंबेडकर ओपन ऑडिटोरियम, घंटाघर से शुरू हुई लगभग 5 किलोमीटर लंबी मैराथन में हजारों नागरिकों, युवाओं, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और सामाजिक संगठनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर संजू देवी राजपूत ने कलेक्टर कुणाल दुदावत, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, डीएफओ और अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हरी झंडी दिखाकर किया।
मैराथन के बाद पौधरोपण और स्वच्छता अभियान
मैराथन के समापन के बाद प्रतिभागियों ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण किया और स्वच्छता अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। युवाओं के उत्साह को बढ़ाने के लिए जुम्बा सत्र भी आयोजित किया गया।
किरण पिस्दा बनीं आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम की सबसे बड़ी आकर्षण भारतीय महिला फुटबॉल टीम की खिलाड़ी और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में छत्तीसगढ़ की विजेता टीम की कप्तान किरण पिस्दा रहीं। उन्होंने युवाओं से कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। साथ ही मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया।
कलेक्टर ने की जनभागीदारी की अपील
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि औद्योगिक और खनन क्षेत्र होने के कारण कोरबा में पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि अगले दो महीने तक विशेष हरित अभियान चलाया जाएगा और पौधरोपण के इच्छुक नागरिकों को जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग देगा।

विजेताओं को मिला सम्मान
मैराथन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार दिए गए।
महिला वर्ग
- नेहा साहू – ₹10,000
- अनंता रूपदास – ₹5,000
- शीतल कौशल – ₹3,000
पुरुष वर्ग
- मनीष कुमार – ₹10,000
- अनुराग श्रीवास – ₹5,000
- निखिल बरेठ – ₹3,000
सामाजिक संगठनों और युवाओं की बड़ी भागीदारी
रोटरी क्लब, चेम्बर ऑफ कॉमर्स, जेसीआई, लायंस क्लब सहित कई सामाजिक संगठनों के साथ 200 से अधिक ‘माय भारत यूथ वालेंटियर्स’ ने भी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के अंत में सभी ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।







