
Raghav Chadha meets Prime Minister Narendra Modi: नई दिल्ली। पंजाब विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सांसद राघव चड्ढा की शनिवार को हुई मुलाकात ने राज्य की सियासत को गरमा दिया है। चड्ढा ने प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए इसे “यादगार सुबह” बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ उनकी बातचीत विस्तृत और ज्ञानवर्धक रही।
चड्ढा ने पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का सौभाग्य मिला। यह एक विस्तृत और ज्ञानवर्धक बातचीत थी। उनके बहुमूल्य समय और उनसे मिली सीख व मार्गदर्शन के लिए मैं उनका दिल से आभारी हूं।”
हालांकि, दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसका कोई आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है। लेकिन पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले हुई इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। खासकर इसलिए कि भाजपा ने राज्य में अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं।
पंजाब चुनाव से पहले बढ़ी हलचल
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। राघव चड्ढा राज्यसभा सांसद हैं और पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका पैतृक संबंध जालंधर से है। ऐसे में भाजपा में शामिल होने के बाद से ही उनके राज्य की चुनावी राजनीति में संभावित इस्तेमाल को लेकर चर्चा होती रही है।
चड्ढा आम आदमी पार्टी के शुरुआती दौर से ही पार्टी से जुड़े रहे हैं और पंजाब की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। हालांकि, इसी साल उन्होंने पार्टी से अलग होकर छह अन्य सांसदों के साथ भाजपा का दामन थाम लिया। उनका यह कदम आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना गया, क्योंकि पंजाब फिलहाल देश का एकमात्र राज्य है जहां AAP की सरकार है।
भाजपा में शामिल होने के बाद चड्ढा को पंजाब में कोई अहम जिम्मेदारी दिए जाने की अटकलें लगातार लगती रही हैं। उनकी शहरी छवि और पंजाब की राजनीति की समझ को भाजपा के लिए उपयोगी माना जा रहा है।
शहरी वोटरों पर भाजपा की नजर
पंजाब के अमृतसर, लुधियाना और जालंधर जैसे बड़े शहरों में भाजपा अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। कारोबारी और मध्यम वर्ग के बीच पार्टी का आधार बढ़ाना भी भाजपा की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
शिरोमणि अकाली दल (SAD) से लंबे समय तक गठबंधन में रहने के बाद दोनों दलों के रास्ते अलग हो गए थे। ऐसे में पंजाब में भाजपा के लिए अपना स्वतंत्र राजनीतिक आधार मजबूत करना एक बड़ी चुनौती है। राघव चड्ढा जैसे युवा और शहरी चेहरे को पार्टी इसी रणनीति के तहत इस्तेमाल कर सकती है।
सुखबीर बादल से मुलाकात ने बढ़ाई अटकलें
राघव चड्ढा की प्रधानमंत्री से मुलाकात से एक दिन पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल से भी मुलाकात की थी। लगातार दो दिनों में पंजाब से जुड़े दो प्रमुख नेताओं के साथ प्रधानमंत्री की बैठकों ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी है।
सुखबीर बादल और भाजपा के बीच पुराने राजनीतिक रिश्ते रहे हैं। दोनों दल लंबे समय तक पंजाब की राजनीति में गठबंधन के साथी रहे, लेकिन बाद में दोनों के रास्ते अलग हो गए।
ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या भाजपा पंजाब चुनाव से पहले अपने पुराने सहयोगियों के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रही है, या पार्टी राज्य में नए राजनीतिक समीकरण तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
फिलहाल दोनों मुलाकातों को लेकर भाजपा की ओर से कोई विस्तृत राजनीतिक संकेत नहीं दिया गया है। लेकिन चुनाव से पहले प्रधानमंत्री की पंजाब के दो अहम राजनीतिक चेहरों से लगातार हुई मुलाकातों ने राज्य की सियासत में चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।





