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Korba Breaking: फिर कटघोरा DFO बने जितेंद्र उपाध्याय.. हाथी घेरने से आए थे चर्चा में, देखें सूची…

कोरबा। Jitendra Upadhyay Katghora DFO छत्तीसगढ़ वन विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। राज्य सरकार ने 24 DFO (डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर) के तबादले का आदेश जारी किया है। इस फेरबदल में जितेंद्र उपाध्याय को एक बार फिर कटघोरा वनमंडल का DFO बनाया गया है। उनके दोबारा कटघोरा लौटने से वन विभाग के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

जितेंद्र उपाध्याय का कटघोरा से पुराना जुड़ाव रहा है। अपने पिछले कार्यकाल के दौरान वे हाथियों को घेरकर नियंत्रित करने की कार्रवाई को लेकर खासे चर्चा में आए थे। मानव-हाथी संघर्ष वाले क्षेत्र में वन विभाग की कार्रवाई के दौरान उनकी भूमिका सुर्खियों में रही थी।

अब शासन के नए आदेश के बाद एक बार फिर उन्हें कटघोरा वनमंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती वन क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष, वन्यजीव संरक्षण और जंगलों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों से निपटने की होगी।

24 DFO के तबादले, कई वन मंडलों में बदले अधिकारी

राज्य सरकार द्वारा जारी तबादला सूची में वन विभाग के 24 DFO को इधर से उधर किया गया है। इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत कई अधिकारियों को नए वनमंडलों की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को नई पदस्थापना मिली है।

कटघोरा वनमंडल में जितेंद्र उपाध्याय की वापसी को इस सूची का प्रमुख बदलाव माना जा रहा है। अब देखना होगा कि अपने पिछले अनुभव के आधार पर वे कटघोरा के जंगलों और वन्यजीवों से जुड़े मामलों को किस तरह संभालते हैं।

हाथियों का कॉरिडोर बना बड़ी चुनौती

कटघोरा वनमंडल का बड़ा हिस्सा हाथी प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। हाथियों की आवाजाही, ग्रामीण क्षेत्रों में फसल और संपत्ति का नुकसान तथा मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं वन विभाग के लिए लगातार चुनौती बनी रहती हैं।

ऐसे में जितेंद्र उपाध्याय की वापसी के बाद विभाग की रणनीति पर भी नजर रहेगी। खासकर हाथियों की निगरानी, ग्रामीणों की सुरक्षा और वन्यजीवों को सुरक्षित रखने के बीच संतुलन बनाना नए DFO के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी।

सरकार के इस फेरबदल के बाद अब कटघोरा वनमंडल में वन विभाग की कमान एक बार फिर जितेंद्र उपाध्याय के हाथों में होगी।

 

 

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