Monsoon Session : विधानसभा मानसून सत्र 2026…! पहले दिन तीजन बाई को श्रद्धांजलि…दूसरे दिन अविश्वास प्रस्ताव…! विपक्ष डेटा के साथ इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा यहां देखें
1033 सवालों से सरकार की होगी परीक्षा
रायपुर, 13 जुलाई। Monsoon Session : छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र आज (13 जुलाई) से शुरू होकर 17 जुलाई तक चलेगा। अवधि भले ही छोटी हो, लेकिन राजनीतिक मायनों में यह सत्र बेहद अहम माना जा रहा है। एक ओर कांग्रेस सरकार को कई जनहित के मुद्दों पर घेरने की रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी, तो दूसरी ओर भाजपा सरकार भी हर सवाल का जवाब देने और अपनी उपलब्धियां गिनाने के लिए तैयार है।
पहले दिन तीजन बाई को श्रद्धांजलि, फिर शुरू होगा प्रश्नकाल
मानसून सत्र की शुरुआत पद्म विभूषण तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ होगी। इसके बाद प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप के विभागों से जुड़े सवालों पर चर्चा होगी।
1033 सवालों से सरकार की होगी परीक्षा
इस बार विधानसभा सचिवालय में कुल 1033 प्रश्न लगाए गए हैं। इनमें 36 विधायकों ने नियमों के तहत अधिकतम 20-20 प्रश्न पूछे हैं। खास बात यह है कि सत्ता पक्ष के विधायक भी अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे।
सत्तापक्ष के विधायक भी उठाएंगे स्थानीय मुद्दे
भाजपा विधायक लता उसेंडी बीएड-डीएड कॉलेजों की स्थिति का मुद्दा उठाएंगी।
जनक ध्रुव भू-राजस्व संहिता और गांवों के बंदोबस्त से जुड़े सवाल पूछेंगे।
धर्मजीत सिंह कोयला भंडारण, सुशांत शुक्ला दंतेवाड़ा के अलनार पहाड़ी में लौह अयस्क खनन और रिकेश सेन शहरी क्षेत्रों में पट्टा वितरण का मामला सदन में रखेंगे।
कांग्रेस के निशाने पर नकटी बुलडोजर कार्रवाई
विपक्ष की ओर से नकटी गांव बुलडोजर कार्रवाई सबसे बड़ा मुद्दा रहने की संभावना है। कांग्रेस इस मामले में स्थगन प्रस्ताव लाकर सरकार से विस्तृत जवाब मांगने की तैयारी में है। इसके अलावा विधायक संगीता सिन्हा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, जबकि कवासी लखमा सुकमा के गांवों में विद्युतीकरण का मुद्दा उठाएंगे।
14 जुलाई को कांग्रेस लाएगी अविश्वास प्रस्ताव
मानसून सत्र के दूसरे दिन यानी 14 जुलाई को कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। भाजपा के स्पष्ट बहुमत के चलते इसके पारित होने की संभावना कम है, लेकिन इस बहस के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टक्कर देखने को मिल सकती है।
इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
नकटी बुलडोजर कार्रवाई
कानून-व्यवस्था
महिलाओं के खिलाफ अपराध
किसानों की समस्याएं
बेरोजगारी और रोजगार
बिजली-पानी की व्यवस्था
राजस्व एवं भूमि विवाद
आदिवासी क्षेत्रों के विकास से जुड़े मुद्दे
सरकार ने भी पूरी की तैयारी
सरकार ने सभी विभागों से प्रश्नों के जवाब पहले ही तैयार करा लिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित सभी मंत्री अपने-अपने विभागों से जुड़े सवालों का जवाब देंगे। सरकार का फोकस विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के साथ अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को सदन में प्रभावी ढंग से रखने पर रहेगा।
क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव?
अविश्वास प्रस्ताव पूरी सरकार के खिलाफ लाया जाता है। विपक्ष सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए यह प्रस्ताव पेश करता है। इसके बाद सदन में विस्तृत चर्चा होती है और मतदान के जरिए तय किया जाता है कि सरकार को सदन का बहुमत और विश्वास प्राप्त है या नहीं।






