Fake Currency Alert : गूगल से डिजाइन, कलर प्रिंटर से छपाई, 500 रुपये के नकली नोटों का बड़ा खेल बेनकाब, 4 गिरफ्तार
Fake Currency Alert : 7 हजार में खरीदे ₹30 हजार के नकली नोट! बैंक की मशीन ने खोला Fake Currency का पूरा नेटवर्क
मेहसाणा, 22 अगस्त।Fake Currency Alert : एक बैंक मशीन, 26 नकली नोट और फिर खुला लाखों की फेक करेंसी का राज! गुजरात के मेहसाणा जिले के विजापुर में नकली नोट छापने वाले बाजार में चलाने वाले कथित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामला तब सामने आया, जब HDFC बैंक की कैश डिपॉजिट मशीन में ₹500 के 26 नकली नोट मिले। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के सामने नकली नोटों की छपाई से लेकर सप्लाई और बाजार में खपाने तक की पूरी कड़ी सामने आ गई।
पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के मुताबिक, मुख्य आरोपी ने कथित तौर पर Google से ₹500 के नोट का डिजाइन डाउनलोड किया और फिर लैपटॉप व कलर प्रिंटर की मदद से नकली नोट तैयार किए। पुलिस का दावा है कि करीब ₹1.25 लाख की नकली करेंसी छापी गई थी।
100 नोट जमा किए, खाते में पहुंचे सिर्फ ₹37 हजार
मामला 14 अगस्त 2026 को सामने आया। विसनगर रोड स्थित HDFC बैंक की CDM में ₹500 के 26 नकली नोट मिलने के बाद बैंक प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस जांच के अनुसार, पटेल ध्रुव अपनी पत्नी के खाते में ₹50 हजार जमा करने बैंक पहुंचा था। उसने मशीन में ₹500 के 100 नोट डाले। इसके बाद उसके मोबाइल पर सिर्फ ₹37 हजार जमा होने का मैसेज आया।
रकम में अंतर देखकर उसने बैंक कर्मचारियों को जानकारी दी। जब बैंक कर्मचारियों ने CDM खोलकर नोटों की जांच की तो 26 नोट नकली पाए गए। इसके बाद पुलिस ने नोटों के स्रोत की जांच शुरू की।
असली नोटों के बीच छिपाकर चलाए जा रहे थे नकली नोट
जांच में पुलिस के सामने कथित तौर पर आया कि ध्रुव को उसके मामा के बेटे फेनिल से एक लाख रुपये मिले थे। फेनिल को यह रकम उसके दोस्त अवि भाखरिया से मिली थी।
पुलिस के मुताबिक, इसी रकम में नकली नोट मिलाकर उन्हें बाजार में चलाने की योजना बनाई गई थी। कथित तौर पर ₹50 हजार के असली नोटों के बंडल में ₹500 के 26 नकली नोट मिला दिए गए, जो बाद में बैंक की मशीन तक पहुंच गए।
₹30 हजार के नकली नोट सिर्फ ₹7 हजार में खरीदने का दावा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जय गोस्वामी ने कथित तौर पर आदिल कुम्हार से ₹30 हजार के नकली नोट ₹7 हजार में खरीदे थे।
इसके बाद इन नोटों को असली करेंसी के साथ मिलाकर बाजार में चलाने की कोशिश की गई। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
Google से डाउनलोड किया ₹500 के नोट का डिजाइन
मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा आदिल कुम्हार को लेकर हुआ है। पुलिस के अनुसार, आदिल ने वर्ष 2025 में अपने लैपटॉप पर Google से ₹500 के नोट का डिजाइन डाउनलोड किया था।
इसके बाद कथित तौर पर कलर प्रिंटर की मदद से नकली नोट तैयार किए गए। पुलिस का दावा है कि करीब ₹1.25 लाख के नकली नोट छापे गए और उन्हें अलग-अलग जगहों पर चलाने की कोशिश की गई। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह गतिविधि कब से चल रही थी और कितनी नकली करेंसी बाजार तक पहुंच चुकी है।
राजस्थान ले जाकर नकली नोट जलाने की कोशिश
पुलिस जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि आरोपियों ने बचे हुए नकली नोटों को राजस्थान ले जाकर नष्ट करने की कोशिश की। बताया गया कि वहां कुछ नकली नोट जला दिए गए, ताकि पुलिस को सबूत न मिल सके। हालांकि, पुलिस की जांच और पूछताछ के दौरान नकली नोटों की सप्लाई से जुड़ी अहम कड़ियां सामने आ गईं।
4 आरोपी गिरफ्तार, अब बाकी नेटवर्क की तलाश
विजापुर पुलिस ने मामले में आदिल कुम्हार, जय गोस्वामी, अवि पटेल और राधे पटेल समेत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में शामिल कई आरोपी 25 वर्ष से कम उम्र के हैं।
डिप्टी एसपी दिनेश सिंह चौहान के अनुसार, जांच में नकली नोटों की प्रिंटिंग, सप्लाई और बाजार में खपाने से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस अब नेटवर्क के बाकी सदस्यों और नकली नोटों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है।
बैंक की CDM में मिले सिर्फ 26 नकली नोटों से शुरू हुई जांच अब कथित तौर पर ₹1.25 लाख की नकली करेंसी की छपाई और सप्लाई तक पहुंच गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन नोटों को किन-किन इलाकों में चलाया गया और इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले की जांच जारी है।















