
RSS issues statement on Jantar Mantar protest: विशाखापत्तनम। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने जंतर-मंतर पर हालिया प्रदर्शनों को केवल भ्रष्टाचार या परीक्षा अनियमितताओं का मामला मानने से इनकार किया है। संघ के नेता सीआर मुकुंदा ने शुक्रवार को कहा कि इन प्रदर्शनों के पीछे व्यवस्था की व्यापक कमियां और युवाओं के भविष्य को लेकर बढ़ती चिंताएं भी सामने आती हैं। उन्होंने सरकार से इन कमियों को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की।
विशाखापत्तनम में संघ की तीन दिवसीय समन्वय समिति की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुकुंदा ने कहा कि देश की व्यवस्थाओं में कमियां हो सकती हैं, लेकिन बदलाव अव्यवस्था या विनाश के रास्ते से नहीं लाया जा सकता। समस्याओं का समाधान रचनात्मक और सकारात्मक तरीके से किए जाने की जरूरत है।
RSS issues statement on Jantar Mantar protest: युवाओं की चिंताएं व्यापक
मुकुंदा ने कहा कि युवाओं की चिंताएं केवल NEET या किसी एक सरकार तक सीमित नहीं हैं। शिक्षा, रोजगार और तेजी से बदलते सामाजिक परिवेश में युवाओं की आकांक्षाएं भी इस चर्चा का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को लेकर पैदा हो रही बेचैनी को समझना और उसका समाधान करना जरूरी है।
RSS issues statement on Jantar Mantar protest: सरकार और समाज दोनों की भूमिका
RSS नेता ने कहा कि व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार को जरूरी कदम उठाने होंगे, वहीं समाज को भी जागरूक होकर अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में सुधार केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए सामाजिक सहयोग भी जरूरी है।
RSS issues statement on Jantar Mantar protest: विरोध से नहीं, सकारात्मक प्रयासों से बदलाव
मुकुंदा ने कहा कि व्यवस्था में बदलाव अव्यवस्था या विनाश के जरिए नहीं लाया जा सकता। उन्होंने युवाओं की चिंताओं को समझते हुए ठोस और सकारात्मक कदम उठाने पर जोर दिया। संघ की बैठक में भी इन मुद्दों पर इसी दृष्टिकोण से चर्चा की गई।
RSS issues statement on Jantar Mantar protest: जंतर-मंतर पर क्यों हुआ था प्रदर्शन?
कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जून को जंतर-मंतर पर कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शन में NEET से जुड़े आरोप भी उठाए गए थे। प्रदर्शनकारियों ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर सरकार की जवाबदेही की मांग की थी।
CJP का आरोप था कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और पेपर लीक से छात्रों और उनके परिवारों को नुकसान पहुंचा है। संगठन के अनुसार, आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के नेताओं का समर्थन भी मिला।
CJP ने 25 जुलाई 2026 को 36 दिन तक चले आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की। संगठन ने दावा किया कि उसकी मांगें स्वीकार किए जाने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन समाप्त किया गया।















