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नहीं रहे मशहूर तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन, सैन फ्रांसिस्को के हॉस्पिटल में ली अंतिम सांस

 

मुंबई। मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन का 73 साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्हें अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के एक हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। जानकारी के मुताबिक हृदय संबंधी समस्या होने पर उन्हें अमेरिका के सैन फ्रांसिस्कों अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। जहां विशेषज्ञ डाॅक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था। उपचार के दौरान उस्ताद जाकिर हुसैन ने अस्पताल में में आखिरी सांस ली है।

 

उस्ताद जाकिर हुसैन का जन्म 1951 में महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में हुआ था। उस्ताद जाकिर हुसैन को दुनिया के महान तबला वादकों में से एक माना जाता है। भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया था। साल 1999 में उन्हें यूएस नेशनल एंडॉमेंट फॉर द आर्ट्स ने नेशनल हेरिटेज फेलोशिप से सम्मानित किया था। इसके बाद उस्ताद जाकिर हुसैन को भारतीय शास्त्रीय संगीत के ग्लोबल एंबेसडर के रूप में मान्यता मिली।

व्हाइट हाउस में दी थी परफॉर्मेंस

तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन पहले भारतीय संगीतकार हैं। जिन्हें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ऑल-स्टार ग्लोबल कॉन्सर्ट के लिए व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया था। वहीं उनके करियर के शुरुआत की बात करें तो उन्होंने मात्र तीन साल की उम्र में ही संगीत सीखना शुरू किया था। जबकि सात साल उम्र में उन्होंने अपना पहला परफॉर्मेंस दिया था।

मिल चुके थे तीन ग्रैमी अवॉर्ड

जाकिर हुसैन को तीन ग्रैमी अवॉर्ड भी मिल चुके थे। उनके पिता का नाम उस्ताद अल्लाह रक्खा कुरैशी और मां का नाम बीवी बेगम था। जाकिर के पिता अल्लाह रक्खा भी तबला वादक थे। जाकिर हुसैन की प्रारंभिक शिक्षा मुंबई के माहिम स्थित सेंट माइकल स्कूल से हुई थी। इसके अलावा उन्होंने ग्रेजुएशन मुंबई के ही सेंट जेवियर्स कॉलेज से किया था। जाकिर हुसैन ने सिर्फ 11 साल की उम्र में अमेरिका में पहला कॉन्सर्ट किया था। 1973 में उन्होंने अपना पहला एल्बम लिविंग इन द मैटेरियल वर्ल्ड लॉन्च किया था।

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