Eklavya School : एकलव्य के बच्चे स्कूल छोड़ सड़क पर बैठे…! प्रिंसिपल-अधीक्षक को हटाने की मांग…कोरबा-कटघोरा मार्ग जाम…अधिकारियों की बढ़ी चिंता
पहले विधायक को घेरा, फिर किया था चक्का जाम
कोरबा, 13 अगस्त। Eklavya School : छुरी स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के छात्र एक बार फिर सड़क पर उतर आए हैं। एक महीने के भीतर यह तीसरी बार है जब स्कूल के बच्चों ने पढ़ाई छोड़कर आंदोलन का रास्ता अपनाया है। गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में छात्र छुरी पंचायत के सामने कोरबा-कटघोरा मुख्य मार्ग पर बैठ गए और चक्का जाम कर दिया।
चक्का जाम के चलते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित हुआ। आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे सड़क से नहीं हटेंगे।
प्रिंसिपल और छात्रावास अधीक्षक को हटाने की मांग
आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांग है कि प्रिंसिपल डॉ. अरसद अहमद अली और छात्रावास अधीक्षक को तत्काल हटाया जाए। छात्रों का आरोप है कि प्रिंसिपल के खिलाफ कई गंभीर शिकायतें हैं। इसके साथ ही स्कूल में मूलभूत सुविधाओं की कमी का भी आरोप लगाया गया है। छात्रों का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर पहले भी कई बार आंदोलन किया जा चुका है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
पहले विधायक को घेरा, फिर किया था चक्का जाम
छात्रों के मुताबिक, इससे पहले एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर विधायक का घेराव किया था। इसके बाद सड़क पर उतरकर चक्का जाम भी किया गया था।
अब एक महीने के भीतर तीसरी बार छात्रों के सड़क पर उतरने से स्कूल प्रबंधन और प्रशासन के सामने समस्या के समाधान की चुनौती बढ़ गई है।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
चक्का जाम की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सहायक आयुक्त, अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और थाना प्रभारी सहित प्रशासनिक अधिकारी छात्रों से बातचीत कर रहे हैं। अधिकारी बच्चों को समझाने और सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
बार-बार चक्का जाम से जनप्रतिनिधियों में नाराजगी
लगातार हो रहे चक्का जाम को लेकर जनप्रतिनिधियों में भी नाराजगी बताई जा रही है। उनका कहना है कि बार-बार मुख्य मार्ग बाधित होने से क्षेत्र की छवि प्रभावित हो रही है और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फिलहाल प्रशासन छात्रों से बातचीत कर रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्र आंदोलन खत्म करते हैं या अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखते हैं।





