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Korba Breaking: अगर वाहन में डाल रहे हैं यूरिया तो जरा संभलकर..! टॉप ब्रांड का स्टीकर, अंदर लोकल माल का खेल? ‘किंगपिन’ अनूप फरार

कोरबा। Korba Fake Urea Scam अगर आप अपने कमर्शियल वाहन में यूरिया आधारित DEF डाल रहे हैं तो जरा सावधान हो जाइए। कोरबा में कथित तौर पर टॉप ब्रांड के स्टीकर की आड़ में लोकल उत्पाद को खपाने का खेल सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। दीपका के श्रद्धा पेट्रोल पंप पर पकड़े गए संदिग्ध यूरिया कंटेनर की जांच की कड़ियां अब कोतवाली थाना क्षेत्र के सीतामणी तक पहुंचती नजर आ रही हैं।

 

पुलिस के मुताबिक इस मामले में शिवा इंटरप्राइजेज के संचालक अनूप अग्रवाल का नाम सामने आया है, जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है। दीपका थाना प्रभारी प्रेम चंद साहू के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द उसे गिरफ्तार करने की बात कही गई है।

 

टॉप ब्रांड का स्टीकर, अंदर क्या?

 

मामले में सबसे बड़ा सवाल कथित तौर पर उत्पाद की पहचान और उसकी गुणवत्ता को लेकर है। आरोप है कि ब्रांडेड उत्पाद की पहचान का इस्तेमाल कर लोकल उत्पाद को बाजार में खपाने की कोशिश की जा रही थी। यदि जांच में यह बात सही साबित होती है तो यह केवल वाहन मालिकों के साथ धोखाधड़ी का मामला नहीं होगा, बल्कि कमर्शियल वाहनों के महंगे SCR सिस्टम के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है।

 

सीतामणी में आलमारी-कूलर की आड़ में कथित खेल!

 

जांच की कड़ियां सीतामणी स्थित उस परिसर तक पहुंची हैं, जहां आलमारी और कूलर बनाने का काम बताए जाने के बीच कथित तौर पर यूरिया आधारित उत्पाद तैयार किए जाने की बात सामने आई है। अब जांच एजेंसियों के सामने सवाल है कि यह उत्पाद वास्तव में कहां तैयार होता था, किस ब्रांड के नाम से बेचा जा रहा था और इसकी सप्लाई कहां-कहां तक पहुंची।

 

दीपका के कंटेनर ने खोली कहानी?

 

श्रद्धा पेट्रोल पंप पर पकड़े गए कंटेनर के बाद शुरू हुई कार्रवाई ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कंटेनर में मौजूद उत्पाद का स्रोत क्या था और उसका सीतामणी से क्या कनेक्शन है।

 

सवाल यह भी उठ रहा है कि कथित नकली या मानक से अलग उत्पाद कितने वाहनों तक पहुंचा? कितने लोगों ने इसे खरीदा? और इस पूरे नेटवर्क में अनूप अग्रवाल के अलावा और कौन-कौन शामिल है?

 

वाहन मालिकों के लिए बड़ा सवाल

 

DEF का इस्तेमाल आधुनिक डीजल वाहनों के SCR सिस्टम में प्रदूषण कम करने के लिए किया जाता है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता महत्वपूर्ण होती है। मानक से अलग या घटिया उत्पाद के इस्तेमाल से वाहन के सिस्टम पर असर पड़ने की आशंका हो सकती है।

 

फिलहाल पुलिस जांच और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही यह साफ होगा कि ब्रांडेड स्टीकर के पीछे लोकल उत्पाद का खेल था या मामला कुछ और है। लेकिन दीपका से सीतामणी तक जुड़ती कड़ियों ने कोरबा में DEF के कारोबार पर जरूर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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