रायगढ़। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन द्वारा चलाए जा रहे ‘जनप्रतिनिधि जनसंपर्क अभियान‘ के तहत बिजली कर्मचारियों की आवाज अब सत्ता के गलियारों तक मजबूती से पहुंचने लगी है। इसी कड़ी में यूनियन के प्रदेश सचिव रितेश नागेश ने प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात कर बिजली विभाग के कर्मचारियों की लंबित समस्याओं और मांगों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
प्रमुख मांगों पर केंद्रित रहा ज्ञापन
मुलाकात के दौरान प्रदेश सचिव ने वित्त मंत्री को अवगत कराया कि बिजली कर्मचारी दिन-रात और विपरीत परिस्थितियों में भी प्रदेश को रोशन रखने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनकी कई बुनियादी मांगें लंबे समय से अधूरी हैं। ज्ञापन में निम्नलिखित बिंदुओं को प्रमुखता से उठाया गया।
पुरानी पेंशन योजना (OPS): कर्मचारियों की सबसे बड़ी और भावनात्मक मांग के रूप में OPS को शीघ्र लागू करने का आग्रह।
वेतन विसंगति: लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगतियों का त्वरित निराकरण।
सुरक्षा संसाधन: कार्यस्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता।
नई भर्ती: रिक्त पदों पर जल्द भर्ती ताकि मौजूदा कर्मचारियों पर से कार्य का अतिरिक्त बोझ कम हो सके।
सामाजिक सुरक्षा: बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करना।
वित्त मंत्री ने दिया सकारात्मक आश्वासन
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को बेहद गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि बिजली कर्मचारियों की जायज मांगों को शासन स्तर पर प्रभावी ढंग से रखा जाएगा और समस्याओं के सकारात्मक समाधान के लिए उचित पहल की जाएगी।
“बिजली कर्मचारी प्रदेश की विकास की धुरी हैं। पुरानी पेंशन और वेतन विसंगति जैसे मुद्दों पर शासन को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। हमें विश्वास है कि वित्त मंत्री जी के हस्तक्षेप से कर्मचारियों को न्याय मिलेगा।”
रितेश नागेश, प्रदेश सचिव (जनता यूनियन)
अभियान से जगी उम्मीद
जनता यूनियन के इस जनसंपर्क अभियान के माध्यम से कर्मचारी अपनी बात सीधे जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। यूनियन का मानना है कि इस निरंतर संवाद से शासन पर सकारात्मक दबाव बनेगा और आने वाले समय में बिजली कर्मियों के हित में बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।



