नई दिल्ली, 17 अगस्त। BJP Organization : बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम सिर्फ संगठन में फेरबदल नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों के लिए पार्टी के नए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण का संकेत मानी जा रही है। महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने से लेकर SC-ST वर्गों को जगह देने तक, संगठन की तस्वीर बदलने की तैयारी है। इसी बीच छत्तीसगढ़ से कई नेताओं के नाम राष्ट्रीय कार्यकारिणी और संगठन में जगह पाने की दौड़ में चर्चा में हैं। नितिन नबीन के छत्तीसगढ़ प्रभारी रहते रहे संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए प्रदेश के नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद ने सियासी चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
33% महिला आरक्षण से बदलेगा संगठन का चेहरा
नई राष्ट्रीय टीम की सबसे बड़ी खासियत 33 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व होगी। बीजेपी के संगठनात्मक नियमों के मुताबिक 38 राष्ट्रीय पदाधिकारियों में कम से कम 13 महिलाओं का होना जरूरी होगा। इससे राष्ट्रीय संगठन में महिलाओं की भागीदारी पहले के मुकाबले काफी बढ़ने की उम्मीद है।
सिर्फ महिला प्रतिनिधित्व ही नहीं, बल्कि SC और ST वर्गों को भी संगठन में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की व्यवस्था पर जोर रहेगा। रिपोर्टों के मुताबिक दोनों वर्गों से कम से कम तीन-तीन राष्ट्रीय पदाधिकारी रखने का प्रावधान है।
80% नए चेहरों पर दांव?
सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक नितिन नबीन की टीम में करीब 80 फीसदी नए चेहरे शामिल हो सकते हैं। पार्टी का फोकस युवा नेताओं और नए संगठनात्मक चेहरों को आगे बढ़ाने पर बताया जा रहा है। वहीं, विनोद तावड़े और सुनील बंसल के राष्ट्रीय महासचिव पद पर बने रहने की संभावना भी जताई गई है। संघ पृष्ठभूमि से दो नए चेहरों को महासचिव बनाए जाने की चर्चा भी है।
कैसा होगा राष्ट्रीय संगठन का ढांचा?
नई टीम में संभावित तौर पर-
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष: अधिकतम 13
राष्ट्रीय महामंत्री: 9, जिसमें एक महामंत्री संगठन
राष्ट्रीय मंत्री: 15
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष: 1
इसके साथ ही पार्टी के संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति में भी बदलाव की संभावनाएं चर्चा में हैं।
छत्तीसगढ़ पर क्यों टिकी हैं नजरें?
नितिन नबीन का छत्तीसगढ़ से पुराना संगठनात्मक जुड़ाव रहा है। ऐसे में उनकी नई टीम में राज्य के नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी मिलने की चर्चाओं ने प्रदेश की राजनीति में उत्सुकता बढ़ा दी है।
संभावित नामों में लक्ष्मी वर्मा, संतोष पांडेय, सौरभ सिंह, रूपकुमारी चौधरी, सुशांत शुक्ला, अजय चंद्राकर, लता उसेंडी, नवीन मार्कंडेय, डिप्टी सीएम अरुण साव और विजय शर्मा के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन नामों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, इसलिए अंतिम सूची सामने आने तक इन्हें संभावित दावेदारों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
2029 की तैयारी का संकेत?
बीजेपी की नई टीम को 2029 के लोकसभा चुनावों के साथ-साथ आने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। संगठन में युवा और नए चेहरों को आगे लाने के साथ सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश पार्टी की भविष्य की चुनावी रणनीति का संकेत दे सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि नितिन नबीन की टीम में छत्तीसगढ़ से किन चेहरों की एंट्री होती है। आधिकारिक सूची सामने आने के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।