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Elephant in Kailash Cave : कैलाश गुफा में 30 हाथियों का डेरा…! कांवड़ यात्रा पर मंडराया खतरा…ग्रामीण पर हमला…देखें Video

जंगल में लगातार घूम रहा हाथियों का दल

जशपुर/अंबिकापुर, 16 अगस्त। Elephant in Kailash Cave : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगीचा वन परिक्षेत्र स्थित प्रसिद्ध कैलाश गुफा क्षेत्र में करीब 30 हाथियों के दल ने डेरा डाल रखा है। हाथियों के लगातार विचरण से आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि हाथियों के दल ने एक ग्रामीण पर हमला भी किया है।

धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण कैलाश गुफा में सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। कांवड़ यात्रा के चलते इन दिनों श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बढ़ी हुई है। ऐसे में जंगल और गुफा क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी ने कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

जंगल में लगातार घूम रहा हाथियों का दल

बताया जा रहा है कि करीब 30 हाथी कैलाश गुफा और आसपास के जंगलों में लगातार विचरण कर रहे हैं। हाथियों के अचानक सामने आने और हमले की आशंका को लेकर ग्रामीणों में भय बना हुआ है।

वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और जंगल की ओर नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। सावन में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखना भी चुनौती बना हुआ है।

कांवड़ियों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता

कैलाश गुफा भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। सावन के दौरान यहां कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में हाथियों के झुंड का धार्मिक स्थल के आसपास विचरण करना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।

श्रद्धालुओं और कांवड़ियों से अपील है कि वे वन क्षेत्र में अकेले न जाएं, हाथियों के करीब जाने या उनका वीडियो बनाने की कोशिश न करें और वन विभाग की चेतावनियों का पालन करें।

कैलाश गुफा का धार्मिक महत्व

कैलाश गुफा जशपुर जिले के बगीचा क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। मान्यता है कि संत रामेश्वर गहिरा गुरु जी ने पहाड़ी चट्टानों को तराशकर इस गुफा का निर्माण करवाया था और यहां साधना भी की थी। गुफा में भगवान शिव-पार्वती सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित हैं। सावन और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

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