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Millind Gaba Sanjay Bangar की बेटी Anaya का छलका दर्द…! बोलीं- ‘क्रिकेट लॉकर रूम वॉर जोन की तरह था

एंटरटेनमेंट, 08 अगस्त। Millind Gaba Sanjay Bangar : पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच संजय बांगड़ की संतान अनाया बांगड़ ने अपनी जेंडर ट्रांजिशन के बाद की जिंदगी और क्रिकेट से जुड़े अपने अनुभवों को लेकर खुलकर बात की है। एक इंटरव्यू में अनाया ने पुरुष क्रिकेट के लॉकर रूम कल्चर, वहां महसूस होने वाली असहजता और अपनी पहचान को लेकर सामने आई मुश्किलों के बारे में बताया।

अनाया ने बताया कि जेंडर ट्रांजिशन से पहले उनका नाम आर्यन बांगड़ था और उन्होंने क्रिकेट भी खेला है। मुंबई के स्थानीय क्लब क्रिकेट में इस्लाम जिमखाना की ओर से खेलने के अलावा उन्होंने 2019 में पुडुचेरी की तरफ से नेशनल अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी में भी हिस्सा लिया था।

‘लॉकर रूम वॉर जोन की तरह होते हैं’

Hauterrfly के साथ बातचीत में अनाया से पूछा गया कि पुरुष क्रिकेट के लॉकर रूम में ऐसी कौन सी चीजें थीं, जिनकी वजह से उन्हें लगता था कि वह वहां फिट नहीं बैठतीं।

इस पर उन्होंने कहा कि लॉकर रूम उन्हें किसी ‘वॉर जोन’ की तरह लगते थे। उनके मुताबिक, खिलाड़ियों के बीच होने वाला मजाक और बैंटर कई बार काफी टॉक्सिक होता था और उन्हें वहां अक्सर असहज महसूस होता था।

अनाया ने कहा कि स्पोर्ट्स और क्रिकेट की दुनिया काफी ज्यादा ‘हाइपर-मैस्कुलिन’ है। उनके लिए उस माहौल को समझना और फिर अपनी नई पहचान के साथ जिंदगी आगे बढ़ाना बिल्कुल अलग अनुभव रहा।

‘बताया होता तो क्रिकेट वर्ल्ड में सबसे बड़ी गॉसिप बन जाती’

अनाया ने यह भी बताया कि उन्होंने क्रिकेट के दौरान अपनी पहचान के बारे में किसी को नहीं बताया था। उनका कहना था कि अगर उन्होंने किसी को बताया होता तो यह क्रिकेट की दुनिया में बड़ी गॉसिप बन सकती थी और उन्हें खेलते समय परेशान या चिढ़ाया जा सकता था।

उन्होंने यह भी कहा कि उस माहौल में अगर कोई बात पसंद न आए और आप आवाज उठाएं, तो आपको ग्रुप का हिस्सा न मानने का डर रहता था।

ट्रोलिंग और पुरानी पहचान से जुड़ी परेशानियां

नई पहचान के साथ जिंदगी शुरू करने के बाद अनाया को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि कुछ लोग उन पर यह आरोप लगाते हैं कि पुरुष क्रिकेट में सफल नहीं होने की वजह से उन्होंने जेंडर ट्रांजिशन का फैसला लिया।

अनाया ने इन बातों के अलावा यात्रा के दौरान आने वाली परेशानियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके दस्तावेजों में पुराना नाम और तस्वीर होने की वजह से कई बार लोग उनकी पहचान को लेकर भ्रमित हो जाते हैं। इसी कारण विदेश यात्रा करना भी उनके लिए मुश्किल हो गया है।

अनाया की कहानी क्रिकेट की दुनिया में उनकी यात्रा के साथ-साथ अपनी पहचान को स्वीकार करने और नई जिंदगी के साथ आगे बढ़ने के संघर्ष को भी सामने रखती है।

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