“छत्तीसगढ़ में अब ‘50-50’ का खेल! किस मंत्री की कटेगी पारी, कौन करेगा दूसरी इनिंग्स की शुरुआत?”

Chhattisgarh 50-50 Cabinet Formula प्रदेश में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक और खेलो इंडिया गेम्स खत्म हो गए… लेकिन सत्ता के मैदान में आईपीएल की तर्ज पर 50-50 वाला एक और मुकाबला शुरू होने जा रहा है। इस टूर्नामेंट में मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड देखकर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व यह फैसला लेगा कि बाकी ढाई साल में सीएम विष्णुदेव साय की टीम में बैटिंग करने का मौका किसे मिलेगा।
इसे 50-50 टूर्नामेंट इसलिए कहा जा सकता है कि प्रदेश की बीजेपी सरकार के ढाई साल पूरे हो गए हैं और बाकी बचे ढाई साल में सरकार अपना परफॉर्मेंस बनाए रखना चाहती है। 4 मई को 5 राज्यों के चुनावी नतीजे आने के बाद यह टूर्नामेंट शुरू हो सकता है।
खबरीलाल की मानें तो छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि भाजपा शासित अन्य राज्यों में, जहां 2028 में विधानसभा चुनाव होना है, वहां भी कैबिनेट में बदलाव हो सकता है। बीजेपी चुनाव से पहले गुजरात मॉडल लागू कर चुकी है, जहां आधे कार्यकाल में पूरा मंत्रिमंडल बदल दिया गया था। यही फार्मूला लोकसभा चुनाव में भी दिखा, जब अधिकांश मौजूदा सांसदों के टिकट काटकर नए चेहरों पर दांव खेला गया और नतीजे पार्टी के पक्ष में आए। छत्तीसगढ़ में 2018 के चुनाव में पुराने की जगह नए चेहरों को मौका देकर पार्टी जीत का स्वाद चख चुकी है। कैबिनेट में भी बड़े चेहरों को दरकिनार कर नए लोगों को मौका दिया गया। लेकिन अब चुनावी साल में कैबिनेट में बदलाव की तैयारी है। अंदरखाने की खबर है कि कुछ मंत्रियों का प्रदर्शन औसत रहा है। सूत्रों की मानें तो 2028 के चुनाव से पहले कैबिनेट फेरबदल से बीजेपी फिर चौंका सकती है।



