कोरबा। Korba ash trucks rural road damage जिले के ग्राम पंचायत चिंचोली और देवलापाठ में ग्रामीण सड़कों पर ओवरलोड राखड़ वाहनों की आवाजाही ने गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी इन सड़कों पर जहां अधिकतम 10 टन भार वाले वाहनों को ही अनुमति है, वहीं 12 और 16 चक्का भारी ट्रक बेखौफ दौड़ रहे हैं।
Korba ash trucks rural road ग्रामीणों का आरोप है कि राखड़ (ऐश) से लदे ये वाहन बिना किसी वैध अनुमति के लगातार आवाजाही कर रहे हैं, जिससे सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। मामले में संबंधित एजेंसियों और प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे बड़ा खतरा कोरबा-चांपा मुख्य नहर की डिस्ट्रिब्यूटरी पर मंडरा रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही से नहर के ऊपर और किनारों पर दरारें पड़ने लगी हैं। यह नहर करीब 500 से 1000 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई का मुख्य स्रोत है। यदि क्षति बढ़ती है तो आने वाले फसल सीजन में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मामले में वन विभाग की अनुमति को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। बड़े झाड़ क्षेत्र में बिना अनुमति भारी वाहनों की आवाजाही नियमों के उल्लंघन को दर्शाती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो सड़क, नहर और पर्यावरण तीनों को अपूरणीय क्षति होगी। अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस ‘राखड़ रूट’ पर लगाम लगाता है या हालात यूं ही बिगड़ते रहते हैं।



