
प्रतीकात्मक तस्वीर
GEO SPAR construction कोरबा।जिले के कोरबा वेस्ट में निर्माणाधीन Hasdeo Thermal Power Station में 1,320 मेगावाट क्षमता का नया थर्मल पावर प्रोजेक्ट में उपयोग हो रहे सामग्री कीगु गुणवत्ता को लेकर चिंता गहराने लगी है। Dr. Shyama Prasad Mukherjee Thermal Power Plant (DSPM) के निर्माण के दौरान पहले भी बड़ा हादसा हो चुका है, जिसमें तीन मजदूरों की जान चली गई थी। उस घटना के बाद सुरक्षा मानकों और निर्माण गुणवत्ता पर कई सवाल उठे थे।
सूत्रों के मुताबिक, उस समय निर्माण कार्य से जुड़ी एजेंसी GDCL में कार्यरत मजदूरों की मौत कथित रूप से घटिया सामग्री और संरचनात्मक कमजोरी से जुड़ी बताई गई थी। हादसे के बाद प्लांट परिसर में उग्र विरोध हुआ, वाहनों में आगजनी हुई और करीब 20 दिनों तक काम बंद रहा।
अब फिर से वही आशंका जताई जा रही है। प्लांट से जुड़े कुछ स्ट्रक्चरल कार्यों में गुणवत्ता मानकों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर निर्माण एजेंसी GEO SPAR के कामकाज को लेकर भी चर्चा तेज है। आरोप है कि उपयोग की जा रही सामग्री तय तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं है।
औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा सिर्फ कागजी औपचारिकता नहीं हो सकती। DSPM जैसे बड़े संयंत्र में छोटी सी चूक भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। पहले हुए हादसे से क्या सबक लिया गया, यह अब केंद्रीय सवाल बन गया है। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है और जिम्मेदार अधिकारियों से स्वतंत्र निरीक्षण और गुणवत्ता जांच की मांग की जा रही है।
इधर जनता यूनियन के प्रांताध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने साफ कहा है कि यदि निर्माण गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि मजदूरों की जान से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब निगाहें प्रशासन और प्रबंधन पर टिकी हैं। क्या इस बार समय रहते जांच और सख्त कार्रवाई होगी, या फिर मामला फिर से फाइलों में दब जाएगा, यह आने वाला समय तय करेगा।



