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Coimbatore Case : 10 साल की बच्ची से दरिंदगी के बाद हत्या…! अब IPS रम्या भारती का VIDEO बना विवाद की वजह

IPS रम्या भारती पर सोशल मीडिया में चर्चा तेज

कोयंबटूर, 27 मई। Coimbatore Case : तमिलनाडु के कोयंबटूर में 10 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में जनता आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर ही रही थी कि अब एक वायरल वीडियो ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आपस में बातचीत करते और मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा और पुलिस प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठने लगे।

IPS रम्या भारती पर सोशल मीडिया में चर्चा तेज

इस पूरे विवाद के बीच सबसे ज्यादा चर्चा वरिष्ठ IPS अधिकारी आर.वी. रम्या भारती की हो रही है। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि इतने संवेदनशील मामले के दौरान अधिकारियों का सहज और हंसते हुए दिखाई देना लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला है।

हालांकि अब तक पुलिस विभाग की ओर से वीडियो को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कुछ लोग इसे प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले की सामान्य बातचीत बता रहे हैं, जबकि कई यूजर्स इसे असंवेदनशील व्यवहार मान रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक कोयंबटूर जिले के सुलूर इलाके में 21 मई को 10 साल की बच्ची अपने घर के बाहर से अचानक लापता हो गई थी। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कई टीमों का गठन किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी कार्तिक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पूरे तमिलनाडु में भारी आक्रोश फैल गया।

कौन हैं IPS आर.वी. रम्या भारती?

आर.वी. रम्या भारती 2008 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं और तमिलनाडु कैडर से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने समाजशास्त्र में स्नातक और साइबर फॉरेंसिक में MSc की पढ़ाई की है।

करीब 18 साल के करियर में वे कोयंबटूर, मदुरै और तिरुवन्नामलाई जैसे जिलों में एसपी रह चुकी हैं। इसके अलावा चेन्नई में जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं।

एयरपोर्ट सिक्योरिटी से कम्युनिटी पुलिसिंग तक अहम भूमिका

रम्या भारती ने ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी में डिप्टी डायरेक्टर जनरल के तौर पर भी काम किया है। एयरपोर्ट सुरक्षा और इंटरनेशनल एविएशन सिक्योरिटी जैसे अहम मामलों में उनकी भूमिका रही है। उन्हें सामुदायिक पुलिसिंग के लिए भी जाना जाता है। चेन्नई में उन्होंने “अच्चामिनाई” पहल शुरू की थी, जिसका मकसद महिलाओं और आम नागरिकों में सुरक्षा के प्रति भरोसा बढ़ाना था।

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