
कोरबा। Action Against Rotten Fruits in Korba जहां से आप बड़े चाव से अपने परिवार के लिए फल खरीद रहे हैं, कहीं वो फल विक्रेता आपके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ तो नहीं कर रहा? इस बड़े सवाल का जवाब आज कोरबा प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई में मिल गया है।

आज खाद्य सुरक्षा अधिकारी संघर्ष कुमार मिश्र के नेतृत्व में विभागीय टीम ने कोरबा शहर के पुराना बस स्टैंड, पॉवर हाउस रोड और बुधवारी बाजार क्षेत्र में एक तगड़ा विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस अचानक हुई कार्रवाई से फल बाजार में हड़कंप मच गया।
इन प्रमुख दुकानों पर गिरी गाज
निरीक्षण के दौरान टीम ने शहर की कुल 11 बड़ी दुकानों का कोना-कोना छाना, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- राजा नारियल पानी एवं फ्रूट सेंटर
- राजेश फ्रूट सेंटर
- सर्वमंगला फ्रूट सेंटर
- माँ शारदा फ्रूट सेंटर
- चौरसिया फ्रूट सेंटर
‘खराब खेल’ का पर्दाफाश: ज़ब्त हुए सड़े फल
जांच के दौरान अधिकारियों की आंखें तब फटी रह गईं, जब उन्होंने देखा कि ग्राहकों को बेचने के लिए भारी मात्रा में सड़े-गले फल सजाकर रखे गए थे। टीम ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित खराब फलों को ज़ब्त कर तत्काल नष्ट करवाया:
- 15 किलो सड़े हुए आम
- 4 दर्जन सड़े हुए केले
- 2 किलो खराब अनार
- 7 किलो सड़े हुए खरबूजे
केमिकल और बिना लाइसेंस वालों पर कड़ा प्रहार
यह पूरी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा आयुक्त दीपक अग्रवाल (छत्तीसगढ़) के सख्त निर्देशन में चल रही है। अधिकारियों ने साफ किया है कि सिर्फ सड़े फल ही नहीं, बल्कि फलों को जबरन पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कैमिकल (कार्बाइड) और मिठास बढ़ाने वाले कृत्रिम जहर (सैकरीन) के अवैध इस्तेमाल पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।



