बिलासपुर

DMF Scam : छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ DMF घोटाले की जांच अब CBI करेगी…! पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर की शिकायत के बाद उठाया कदम

करोड़ों की अनियमितताएं उजागर

बिलासपुर, 06 दिसंबर। DMF Scam : छत्तीसगढ़ में करीब 500 करोड़ रुपए के डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) घोटाले की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) करेगी। खनिज विभाग के निदेशक रजत बंसल ने बिलासपुर संभाग आयुक्त को निर्देश जारी कर इस मामले की जांच रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।

यह कदम पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर की शिकायत के बाद उठाया गया, जिसे उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और CBI में दर्ज कराया था।

क्या है मामला

शिकायत में आरोप है कि DMF फंड का उपयोग मूल उद्देश्यों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, आजीविका संवर्धन और खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के बजाय अनियमित और मनमाने परियोजनाओं में किया गया। कई जिलों, खासकर कोरबा, में ऐसे कार्यों को मंजूरी दी गई, जो प्राथमिकता श्रेणी में नहीं थे और स्थानीय जरूरतों पर आधारित भी नहीं थे। अनुमोदन प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं हुआ और स्वीकृतियां विवेकाधीन आधार पर दी गईं।

CBI जांच का दायरा

CBI ने राज्य सरकार से अनुमोदन फाइलें, तकनीकी स्वीकृतियां, वित्तीय उपयोग विवरण, परियोजना प्रगति रिपोर्ट और लाभार्थी रिकॉर्ड मांगे हैं। खनन निदेशालय ने संभागीय स्तर पर जांच का आदेश भी जारी किया है। अधिकारियों और जिम्मेदारों की पहचान करने के लिए विस्तृत जांच की जाएगी।

ED की रिपोर्ट और आर्थिक अनियमितताएं

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के आधार पर EOW ने धारा 120बी, 420 के तहत केस दर्ज किया है। जांच में पाया गया कि DMF फंड के टेंडर आवंटन में बड़ी अनियमितताएं की गईं और ठेकेदारों को अवैध लाभ पहुँचाया गया। ठेकेदारों ने अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं को 25% से 40% तक कमीशन के रूप में रिश्वत दी। रिश्वत की रकम का एंट्री अक्सर आवासीय (अकोमोडेशन) के रूप में की गई।

तलाशी और जब्ती

तलाशी के दौरान 76.50 लाख रुपए कैश बरामद किए गए। 8 बैंक खाते सीज किए गए, जिनमें 35 लाख रुपए शामिल हैं। कई फर्जी डमी फर्मों के दस्तावेज, स्टाम्प और डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए।

इस घोटाले में कई अधिकारियों, ठेकेदारों और दलालों के शामिल होने की पुष्टि हुई है। अब CBI इस मामले की व्यापक जांच करेगी और फंड के दुरुपयोग के लिए सभी जिम्मेदारों की पहचान कर आगे की कार्रवाई करेगी।

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