World Leaders Forum : वर्ल्ड लीडर्स फोरम में CM साय का बड़ा विजन, बोले- छत्तीसगढ़ में निवेश के नए दरवाजे खुले, 8 लाख करोड़ के प्रस्ताव, AI-बस्तर से ग्रीन एनर्जी तक रोडमैप
रायपुर , 21 अगस्त। World Leaders Forum : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड लीडर्स फोरम में वैश्विक निवेशकों और आर्थिक जगत की प्रमुख हस्तियों के सामने छत्तीसगढ़ की विकास गाथा और भविष्य की आर्थिक रणनीति का रोडमैप रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी वाले इस मंच पर सीएम साय ने राज्य को खनिज आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ते हुए कृषि, उद्योग, तकनीक और सेवा क्षेत्र में नए निवेश का केंद्र बनाने की सरकार की योजनाएं साझा कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, AI, डेटा सेंटर, फार्मा, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों को राज्य में निवेश के लिए प्रमुख अवसर बताया गया।
8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, अब नई इंडस्ट्री पर फोकस
सीएम साय के मुताबिक वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आकार करीब ₹6.31 लाख करोड़ रहा और आर्थिक वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत दर्ज की गई। प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर ₹1,79,244 पहुंच गई है।
राज्य सरकार ने निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 और सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 लागू किया है। पिछले दो वर्षों में 450 से अधिक प्रक्रियाओं को सरल किए जाने का दावा किया गया है।
AI से बदलेगा छत्तीसगढ़ का नया औद्योगिक चेहरा
मुख्यमंत्री ने फोरम में छत्तीसगढ़ की AI Strategy को भी प्रमुखता से सामने रखा। सरकार का लक्ष्य है कि 6 लाख विद्यार्थियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाए। 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI ट्रेनिंग मिले। 50 से अधिक AI आधारित सरकारी सेवाएं विकसित हों। नवा रायपुर में करीब ₹1,000 करोड़ की लागत से AI Data Centre Park विकसित किया जाए। ₹500 करोड़ के State AI Mission के तहत 100 AI लैब और 5 उत्कृष्टता केंद्र बनाए जाएं। 300 से अधिक AI आधारित स्टार्टअप/उद्यमों को सहयोग दिया जाए।
2030 तक 5 हजार नए उद्यम बनाने का लक्ष्य
सीएम साय ने कहा कि सरकार युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना चाहती है। इसके लिए वर्ष 2030 तक 5 हजार नए उद्यम तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। नए उद्यमियों को शुरुआती स्तर पर ₹10 लाख तक की पूंजी सहायता देने की योजना भी बताई गई।
बस्तर पर बड़ा दांव, बनेगा भविष्य की अर्थव्यवस्था का आधार
वर्ल्ड लीडर्स फोरम में मुख्यमंत्री ने बस्तर को छत्तीसगढ़ की भविष्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया। सरकार की योजना में करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए ₹4,824 करोड़ की आजीविका उन्नयन योजना शामिल है।
मुख्यमंत्री के अनुसार 421 बंद स्कूल फिर शुरू किए गए हैं और 34 लाख से अधिक लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है।₹3,513 करोड़ की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना को बस्तर को उद्योग और बाजारों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया। लघु वनोपज, औषधीय पौधों, मिलेट्स और कृषि उत्पादों के स्थानीय प्रसंस्करण पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि बस्तर से केवल कच्चा माल नहीं बल्कि वैल्यू-एडेड तैयार उत्पाद बाजार तक पहुंचें।
ग्रीन एनर्जी में भी छत्तीसगढ़ की बड़ी तैयारी
ऊर्जा क्षेत्र में राज्य सरकार ने आने वाले वर्षों में करीब 4,000 मेगावाट अतिरिक्त सौर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है।राज्य में अब तक 90 हजार से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से जोड़े जाने की जानकारी दी गई। वहीं भिलाई में प्रदेश का पहला तैरता हुआ सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है।
इसके साथ ही राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रस्तावित अंतरिक्ष विनिर्माण क्लस्टर, नवा रायपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, 142 एकड़ का फार्मा पार्क और टेक्सटाइल-रेडीमेड गारमेंट पार्क को नई औद्योगिक अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार के तौर पर पेश किया गया।
कोरबा के लिथियम से बैटरी उद्योग की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने कोरबा में लिथियम की खोज का भी उल्लेख किया। इससे राज्य में बैटरी, स्टोरेज और नई ऊर्जा से जुड़े उद्योगों के विकास की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है।
यानी छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक रणनीति में कोयला और बिजली के साथ-साथ लिथियम, इलेक्ट्रॉनिक्स, AI और ग्रीन एनर्जी को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया जा रहा है।
उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने के उद्देश्य से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 लागू किया गया है।इसके तहत कम जोखिम वाले उद्योगों के मामलों में निर्धारित समय सीमा में निर्णय नहीं होने पर स्वतः अनुमति का प्रावधान किया गया है। आठ विभागों की 43 सेवाओं को इसके दायरे में शामिल किया गया है।सरकार का दावा है कि इससे करीब 15 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को लाभ मिल सकता है।
मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों के सामने छत्तीसगढ़ को ऐसे राज्य के रूप में प्रस्तुत किया जहां प्राकृतिक संसाधन, ऊर्जा, भूमि, मानव संसाधन, कनेक्टिविटी और निवेश अनुकूल नीतियां मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य केवल निवेश के आंकड़े बढ़ाना नहीं है, बल्कि निवेश के जरिए युवाओं के लिए रोजगार, उद्यमिता और बेहतर आय के अवसर तैयार करना है।















