कोरबा

Wild Boar Hunting : 2 लाख लेकर बचा दिए शिकारी…! जंगली सुअर शिकार केस में रिश्वत का आरोप…डिप्टी रेंजर का VIDEO वायरल होते ही वन विभाग में हड़कंप…यहां देखें 

शिकारियों को बचाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप

कोरबा, 09 जून। Wild Boar Hunting : जिले के कटघोरा वनमंडल में वन विभाग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में डिप्टी रेंजर उषा सोनवानी कथित तौर पर यह कहते हुए नजर आ रही हैं कि जंगली सुअर शिकार मामले में आरोपियों ने वन विभाग के एक कर्मचारी को डेढ़ से दो लाख रुपए देकर खुद को बचा लिया। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक मामला पसान वन परिक्षेत्र के लैंगा बीट अंतर्गत करी गांव का है। कुछ दिन पहले गांव के कुछ लोगों ने मिलकर एक जंगली सुअर का शिकार किया था। ग्रामीण शिकार किए गए वन्यजीव को पकाने और खाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान इसकी सूचना फॉरेस्ट गार्ड राम कुमार कोराम को मिली।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। साथ ही शिकार में इस्तेमाल की गई सामग्री को भी जब्त किया गया।

VIDEO वायरल होते ही मचा बवाल

कार्रवाई के कुछ दिनों बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में डिप्टी रेंजर उषा सोनवानी ग्रामीणों से बातचीत करती दिखाई दे रही हैं। वायरल वीडियो में वह यह कहती सुनाई दे रही हैं कि जंगली सुअर शिकार मामले में उन्हें गालियां सुननी पड़ीं और बदनामी झेलनी पड़ी।

वीडियो में डिप्टी रेंजर यह आरोप भी लगाती नजर आ रही हैं कि आरोपियों ने फॉरेस्ट गार्ड को डेढ़ से दो लाख रुपए दिए, जिसके बाद वे बच निकले। वीडियो में मौजूद कुछ ग्रामीण भी इस मामले को लेकर चर्चा करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें किए गए दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

डीएफओ ने दिए जांच के आदेश

वीडियो वायरल होने के बाद कोरबा वन विभाग हरकत में आ गया है। डीएफओ कुमार निशांत ने मामले की पुष्टि करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी पसान रेंजर मनीष सिंह को सौंपी गई है।

जांच के दौरान वायरल वीडियो की सत्यता, लगाए गए आरोपों और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

डीएफओ कुमार निशांत ने साफ कहा है कि यदि जांच में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी सामने आ चुके हैं शिकार के मामले

कोरबा जिले में वन्य जीवों के शिकार के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। वन विभाग लगातार ऐसे मामलों में कार्रवाई करता रहा है। अब इस वायरल वीडियो ने वन विभाग के भीतर कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, क्योंकि इससे शिकार प्रकरण और विभागीय भ्रष्टाचार दोनों की सच्चाई सामने आ सकती है।

Related Articles

Back to top button