
जांजगीर–चांपा( ASI रिश्वत वीडियो) जिले में एक बार फिर पुलिस विभाग सवालों के घेरे में है। जिले के बहुचर्चित ASI रामप्रसाद बघेल का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें लाइन अटैच कर दिया गया है। खास बात यह है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार रिश्वतखोरी के आरोपों और वायरल वीडियो में उनका नाम सामने आ चुका है।
चालान पेश करने के नाम पर मांगे 40 हजार और शराब
पूरा मामला राहौद पुलिस सहायता केंद्र से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने एक प्रकरण में सुप्रीम कुमार यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। आरोप है कि इसी मामले में चालान पेश करने के एवज में ASI रामप्रसाद बघेल ने 40 हजार रुपये और 70 बोतल अंग्रेजी शराब की मांग की।
बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता अमित खूंटे ने रुपये मांगने के दौरान बातचीत का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में उसने वीडियो वायरल कर मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधिकारियों से की।
वीडियो वायरल होते ही कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद प्रभारी एसपी निवेदिता पाल ने ASI रामप्रसाद बघेल को तत्काल लाइन अटैच कर दिया। हालांकि जिले में चर्चा इस बात की है कि बघेल का नाम पहली बार विवादों में नहीं आया है, बल्कि रिश्वतखोरी से जुड़े कई मामलों में पहले भी उनका नाम सामने आता रहा है।
2020 में भी वायरल हुआ था वीडियो
ASI बघेल का एक पुराना मामला साल 2020 में भी चर्चा में आया था। 12 सितंबर 2020 को शिवरीनारायण थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई थी। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन को सीधे थाने ले आया था।
शुरुआत में शिकायत नहीं मिलने के कारण ट्रक छोड़ दिया गया, लेकिन करीब 20 दिन बाद बच्ची के परिजनों ने एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद ट्रक जब्त कर लिया गया। ट्रक में करीब 12 लाख रुपये कीमत की चना दाल भरी थी, जो लंबे समय तक खड़े रहने से खराब होने की आशंका थी।
इसी वजह से ट्रक मालिक ने जल्द चालान पेश करने की गुहार लगाई। आरोप है कि ASI बघेल ने इसके एवज में 20 हजार रुपये की मांग की। बाद में मोलभाव के बाद रकम 10 हजार पर तय हुई, लेकिन ASI ने यह कहते हुए नाराजगी जताई कि “ऊपर तक पैसा जाता है, मेरे पास कुछ नहीं बचेगा।” इसके बाद ट्रक मालिक ने और पैसे दिए थे। उस दौरान भी रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ था।
“इस ASI के चक्कर में TI भी निपट चुके”
जिले में यह भी चर्चा है कि कोरोना काल से पहले रिश्वतखोरी के एक अन्य मामले में ASI बघेल के कारण थाने में पदस्थ TI पर भी कार्रवाई हुई थी। लगातार सामने आते मामलों ने उनकी छवि एक आदतन रिश्वतखोर पुलिसकर्मी जैसी बना दी है।
पुलिस विभाग पर उठ रहे सवाल
बार-बार वायरल हो रहे वीडियो और रिश्वतखोरी के आरोपों ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर लगातार शिकायतों और विवादों के बावजूद ऐसे पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो पाती।
फिलहाल ASI रामप्रसाद बघेल को लाइन अटैच कर दिया गया है, लेकिन वायरल वीडियो ने एक बार फिर पुलिस महकमे की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।



