
कोरबा। Ratija ACB Plant Case Six Accused Acquitted दीपका थाना क्षेत्र के रतिजा स्थित एसीबी प्लांट में वर्ष 2021 में हुए मारपीट और ₹2,300 की कथित लूट के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कटघोरा की द्वितीय अपर सत्र अदालत ने मामले में आरोपी बनाए गए छह लोगों को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रहा।यह फैसला 10 अगस्त 2026 को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश शीलू सिंह की अदालत ने सुनाया।
मजदूर आंदोलन के दौरान दर्ज हुआ था मामला
मामला थाना दीपका के अपराध क्रमांक 17/2021 और सत्र प्रकरण क्रमांक 16/2023 से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार 19 जनवरी 2021 को रतिजा एसीबी प्लांट में शिकायतकर्ता मनोज सिंह के साथ गाली-गलौज, मारपीट, रास्ता रोकने, जान से मारने की धमकी देने और पर्स से करीब ₹2,300 लूटने का आरोप लगाया गया था।
इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 294, 506 भाग-दो, 147, 341, 323 तथा 395 सहपठित धारा 149 के तहत आरोप लगाए गए थे।
छह लोगों पर लगे थे गंभीर आरोप
मामले में सुरेश पटेल, सुरजीत सोनी, अजय कुमार पटेल, संजय कुमार पटेल, कान्हा अहिर और रवि कुमार पटेल को आरोपी बनाया गया था।
अभियोजन की कहानी के मुताबिक शिकायतकर्ता प्लांट में ड्यूटी के लिए जा रहा था। इसी दौरान आरोपियों और अन्य लोगों ने उसकी मोटरसाइकिल रोककर कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की तथा उसकी जेब में रखे पर्स को छीन लिया। पर्स में ₹2,300 होने का आरोप लगाया गया था।
कोर्ट में बदले गवाहों के रुख ने कमजोर किया केस
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन को उस समय बड़ा झटका लगा, जब शिकायतकर्ता मनोज सिंह ने अदालत में आरोपियों की पहचान करने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि आवेदन में आरोपियों के नाम कंपनी के लोगों द्वारा बताए जाने के आधार पर लिखे गए थे।
वहीं प्रत्यक्षदर्शी गवाह कलेश्वर सोनी और आजाद सिंह ने भी आरोपियों की पहचान करने से इनकार कर दिया और अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं किया।जप्ती और मेमोरेण्डम के स्वतंत्र गवाहों ने भी अभियोजन के मामले की पुष्टि नहीं की।
मेडिकल रिपोर्ट में चोट का जिक्र, लेकिन एक्स-रे सामान्य
मामले में शिकायतकर्ता के चिकित्सकीय परीक्षण में दोनों हाथों में दर्द और सूजन तथा कमर में दर्द का उल्लेख मिला था। हालांकि एक्स-रे में किसी तरह का अस्थिभंग नहीं पाया गया।
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद माना कि शिकायतकर्ता, आहत और स्वतंत्र गवाहों ने अभियोजन के मामले का समर्थन नहीं किया। जप्ती और मेमोरेण्डम के स्वतंत्र गवाहों की गवाही भी अभियोजन के पक्ष में नहीं रही।
संदेह का लाभ, छह आरोपी बरी
अदालत ने निष्कर्ष में कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों से आरोपित धाराओं के अपराध के आवश्यक तत्व प्रमाणित नहीं हुए। अभियोजन यह साबित नहीं कर सका कि 19 जनवरी 2021 को रतिजा एसीबी प्लांट में छह आरोपियों ने शिकायतकर्ता के साथ मारपीट, धमकी और ₹2,300 की लूट की थी।
इसके बाद अदालत ने सुरेश पटेल, सुरजीत सोनी, अजय कुमार पटेल, संजय कुमार पटेल, कान्हा अहिर और रवि कुमार पटेल को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
फैसले में अदालत ने यह भी दर्ज किया कि आरोपियों की जमानत और मुचलके धारा 437(ए) दंड प्रक्रिया संहिता के तहत निर्णय की तारीख से छह माह तक प्रभावी रहेंगे। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आए इस फैसले को आरोपियों के पक्ष में बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।







