मध्यप्रदेश

Forest Department Attack : वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला…! पत्थर-लाठियों से पीटा…8 से ज्यादा कर्मचारी घायल

अतिक्रमण हटाने के बाद भड़का विवाद

खंडवा, 28 जून। Forest Department Attack : मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में वन विभाग की टीम पर कथित अतिक्रमणकारियों द्वारा किए गए जानलेवा हमले से हड़कंप मच गया। गुड़ी वन परिक्षेत्र में नियमित गश्त पर निकली स्पेशल फ्लाइंग स्क्वॉड पर पहले पत्थरों की बारिश की गई, फिर लाठियों से हमला कर दिया गया। इस हिंसक घटना में 8 से अधिक वन कर्मचारी घायल हो गए, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घात लगाकर किया हमला

जानकारी के अनुसार घटना गुड़ी वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 748-749 स्थित आम खुजली बीट में हुई। वर्ष 2025 में भर्ती हुए 45 नवपदस्थ वनरक्षकों को प्रशिक्षण के बाद इस क्षेत्र में तैनात किया गया था। रविवार सुबह स्पेशल फ्लाइंग स्क्वॉड नियमित गश्त पर निकली थी। आरोप है कि पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने टीम के पहुंचते ही पत्थर बरसाने शुरू कर दिए और फिर लाठियों से हमला कर दिया।

अतिक्रमण हटाने के बाद बढ़ा था तनाव

वन विभाग के अनुसार गुड़ी रेंज में लंबे समय से वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। हाल ही में वन विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाकर कई जगहों से अतिक्रमण हटाया था। इसके बाद से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई थी।

घायलों का आरोप- सूचना के बाद भी नहीं पहुंचे अधिकारी

घायल वन कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना की सूचना देने के बावजूद गुड़ी रेंजर नरेंद्र पटेल मौके पर नहीं पहुंचे। उनका दावा है कि वे करीब दो घंटे तक जंगल में घायल अवस्था में पड़े रहे। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि एक अन्य वन विभाग की टीम घटनास्थल तक पहुंचने के बजाय जंगल के बाहर से ही लौट गई। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पुलिस-वन विभाग ने शुरू की जांच

घटना के बाद पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हमले ने जंगलों में ड्यूटी कर रहे वन कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार अतिक्रमण विरोधी अभियान के बीच वनकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी तेज हो गई है।

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