Ex MLA बृहस्पति सिंह का WhatsApp हैक…! परिचितों से मांगे जा रहे ₹28 हजार…पुलिस में की शिकायत
पहले भी नेता बन चुके हैं साइबर ठगों का निशाना
रायपुर, 08 अगस्त। Ex MLA : छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अब साइबर ठगों ने कांग्रेस के पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह को निशाना बनाया है। आरोप है कि उनका WhatsApp अकाउंट हैक कर ठग उनके नाम से परिचितों और समर्थकों को मैसेज भेजकर 28 हजार रुपये मांग रहे हैं।
मामले की जानकारी मिलते ही बृहस्पति सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
WhatsApp से भेजे जा रहे पैसे मांगने वाले मैसेज
जानकारी के मुताबिक, हैकर्स बृहस्पति सिंह के WhatsApp नंबर से उनके परिचितों को मैसेज भेज रहे हैं। मैसेज में कथित तौर पर बताया जा रहा है कि उन्हें तत्काल पैसों की जरूरत है और उनका UPI काम नहीं कर रहा है।
इसके बाद सामने वाले से किसी दूसरे UPI ID पर 28 हजार रुपये ट्रांसफर करने को कहा जा रहा है। ठग भरोसा जीतने के लिए यह भी कह रहे हैं कि रकम रात 8 बजे तक वापस कर दी जाएगी।
इस तरह परिचित व्यक्ति को जल्दबाजी में भुगतान करने के लिए राजी करने की कोशिश की जा रही है।
पूर्व विधायक ने लोगों को किया अलर्ट
WhatsApp अकाउंट हैक होने की जानकारी मिलने के बाद बृहस्पति सिंह ने रायपुर पुलिस से शिकायत की। उन्होंने अपने परिचितों, समर्थकों और आम लोगों से अपील की है कि उनके नाम से पैसे मांगने वाले किसी भी मैसेज पर भरोसा न करें।
उन्होंने कहा कि बिना पुष्टि किए किसी भी खाते या UPI ID पर रकम ट्रांसफर न करें, क्योंकि हैकर्स उनके WhatsApp अकाउंट का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं।
पहले भी नेता बन चुके हैं साइबर ठगों का निशाना
छत्तीसगढ़ में राजनीतिक नेताओं के WhatsApp अकाउंट हैक होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले गरियाबंद जिले में भाजपा के कई नेताओं के WhatsApp अकाउंट हैक किए जाने के मामले भी सामने आ चुके हैं।
लगातार सामने आ रहे मामलों से संकेत मिलता है कि साइबर ठग अब आम लोगों के साथ-साथ राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की पहचान का इस्तेमाल कर ठगी की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस ने दी सावधानी बरतने की सलाह
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी परिचित, नेता या जनप्रतिनिधि के नाम से अचानक पैसे मांगने वाला मैसेज मिले तो पहले संबंधित व्यक्ति से फोन पर सीधे संपर्क कर पुष्टि करें।
किसी भी संदिग्ध लिंक, मैसेज या भुगतान की मांग पर तुरंत कार्रवाई करने के बजाय उसकी सत्यता जांचें। संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर साइबर अपराध की शिकायत संबंधित साइबर पुलिस या नजदीकी थाने में करें।
साइबर ठगी से बचने का सबसे आसान तरीका है—जल्दबाजी में भुगतान न करें और पैसे भेजने से पहले सामने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि जरूर करें।





